डोमिसाइल बनाने की प्रक्रिया में आ रही खामियों को जल्द दूर किया जाए: मंगोत्रा
डोमिसाइल बनाने की प्रक्रिया में आ रही खामियों को जल्द दूर किया जाए: मंगोत्रा
जम्मू-कश्मीर

डोमिसाइल बनाने की प्रक्रिया में आ रही खामियों को जल्द दूर किया जाए: मंगोत्रा

news

उधमपुर, 31 जुलाई (हि.स.)। डोमिसाइल प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया यूटी प्रशासन ने जितनी सरल बताई थी वह उतनी नहीं है। यूटी प्रशासन द्वारा केवल चैनल व समाचार पत्रों के जरिए इसके बनाने के सरल तरीके तो बता दिए लेकिन जब यह प्रक्रिया कार्यालयों में जाकर या फिर आॅनलाइन करेंगे, तो तभी असलियत सामने आएगी कि यह कितनी कठिन है,क्योंकि जो आनलाइन आवेदन किए गए हैं वह करीब एक माह होने पर भी लोगों नहीं मिल पाए हैं तो वहीं दूसरी ओर ऐसे बनाने वाले जब तक डोमिसाइल बनाने वालों को कुछ देंगे नहीं तो वह बनेंगे ही नहीं। उक्त बातें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुमित मंगोत्रा द्वारा एक प्रैस वार्ता के दौरान कहीं गई। उन्होंने कहा कि डोमिसाइल बनाने के लिए लोगों को लंबी कतारों में लगना पड़ रहा है और दूसरी तरफ सरकार ने जो ऑनलाइन के जरिए डोमिसाइल बनाने का दावा किया था, वह भी झूठा साबित हुआ है, क्योंकि एक महीना पहले जिन लोगों ने ऑनलाइन डोमिसाइल के लिए अप्लाई किया था उनका अभी तक कोई भी जवाब नहीं मिला है। वहीं दूसरी ओर जो लोग डोमिसाइल बनवाने के लिए लंबी लाइन में खड़े होते हैं, जब डोमिसाइल फॉर्म जमा करवाया जाता है तो उनसे 100 रूपए फीस के रूप में मांगा जा रहा है। यह काफी शिकायतें लोगों द्वारा उन्हें मिली है। मंगोत्रा का कहना था कि इस मसले को लेकर के उन्होंने तहसीलदार उधमपुर से फोन पर बात की और जानकारी मांगी कि डोमिसाइल बनाने के लिए क्या फीस निर्धारित की गई है लेकिन तहसीलदार का यह कहना था कि डोमिसाइल सर्टिफिकेट बनाने के लिए कोई भी फीस निर्धारित नहीं की गई है लेकिन मंगोत्रा ने तहसीलदार को बताया कि लोगों द्वारा लगातार यह शिकायतें आ रही है कि जो भी डोमिसाइल सर्टिफिकेट बनवाने जा रहा है उनसे पैसे किस बात के लिए जा रहे हैं। वहीं तहसीलदार ने उनको आश्वासन दिया कि वह इस बारे में पूरी जानकारी हासिल करेंगे और देखेंगे कि कौन ऐसे काम कर रहा है। सुमित मंगोत्रा का कहना था कि अगर डोमिसाइल के नाम पर लोगों से ब्लैकमेलिंग बंद नहीं की गई व उन्हें अगर कोई शिकायत मिली तो वह रेवेन्यू विभाग के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन लोगों के साथ लेकर करने पर मजबूर हो जाएंगे। मंगोत्रा का कहना था कि जम्मू प्रशासन द्वारा तहसील ऑफिस में एक शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों को मौके पर ही डोमिसाइल सर्टिफिकेट बनाकर दिए जा रहे हैं, क्योंकि सरकार द्वारा जो चतुर्थ श्रेणी नौकरियांे के लिए विज्ञापन निकाला गया है, उसके लिए डोमिसाइल सर्टिफिकेट अनिवार्य है लेकिन डोमिसाइल सर्टिफिकेट बनवाना लोगों के लिए जी का जंजाल बन चुका है। जम्मू प्रशासन जिन्होंने एक स्पेशल कैंप लगाकर छात्रों के लिए मौके पर ही डोमिसाइल सर्टिफिकेट देने का जो काम किया है वह सराहनीय है। हिन्दुस्थान समाचार/रमेश/बलवान-hindusthansamachar.in