जेजेएसएफ ने पूर्ण आहुति के साथ तीन दिवसीय उपवास किया समाप्त, शहीदी स्थल के जीर्णाेद्धार की मांग उठाई
जेजेएसएफ ने पूर्ण आहुति के साथ तीन दिवसीय उपवास किया समाप्त, शहीदी स्थल के जीर्णाेद्धार की मांग उठाई
जम्मू-कश्मीर

जेजेएसएफ ने पूर्ण आहुति के साथ तीन दिवसीय उपवास किया समाप्त, शहीदी स्थल के जीर्णाेद्धार की मांग उठाई

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जम्मू, 18 अक्टूबर (हि.स.)। वर्ष 1966 के छात्र शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए जम्मू जवाईंट स्टूडेंटस फेडरेशन (जेजेएसएफ) द्वारा शुरू किए गए तीन दिवसीय उपवास’ के अंतिम दिन छात्रों ने शहीदों को रविवार को श्रद्धांजलि अर्पित की और दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए हवन किया। जेजेएसएफ के उपाध्यक्ष अतुल सूदन और एमएएम कालेज के अध्यक्ष अंशु शर्मा के नेतृत्व में जेजेएसएफ के कई कार्यकर्ताओं ने चार छात्र शहीदों गुरचरण सिंह, बृजमोहन, गुलशन हांडा और सुभाष चंद्र को पुष्पांजलि अर्पित की और फिर शहीदी स्थल पर हवन किया। शहीदी स्टाल, जीजीएम साइंस कॉलेज। जेजेएसएफ के कार्यकर्ताओं ने इस अवसर पर हलवा का प्रसाद भी वितरित किया। प्रोफेसर रविंद्र टिकू, प्रिंसिपल जीजीएम साइंस कॉलेज, हर्ष देव सिंह (पूर्व मंत्री और अध्यक्ष जेकेएनपीपी), डॉ. विनोद बख्शी, प्रोफेसर करण सिंह, डीएन मेहता (तत्कालीन छात्र नेता, प्रताप सिंह जम्वाल (पूर्व जेजेएसएफ नेता), अनुज टंडन, सोनू शर्मा, परशोत्तम गुप्ता और विश्वविद्यालय और विभिन्न कॉलेजों के शिक्षकों, छात्रों और समाज के विभिन्न क्षेत्रों लोगों ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रो. रविंद्र टिकू, सोनू शर्मा और डॉ. विनोद बख्शी ने उपवास करने वाले छात्रों अतुल सूदन, अंशु शर्मा, विशाल शर्मा वासु और साहिल शर्मा को जूस पिलाकर उनका उपवास समाप्त करवाया। सभा को संबोधित करते हुए सुनील चौहान सचिव जेजेएसएफ ने कहा कि जम्मू के साथ भेदभाव के खिलाफ लड़ने के लिए जेजेएसएफ का लंबा इतिहास रहा है। इसके अलावा सुनील चौहान ने छात्रों को जम्मू क्षेत्र को न्याय दिलाने के लिए निरंतर संघर्ष करने की शपथ दिलाई और उनसे इन छात्र शहीदों के दिखाए मार्ग पर चलने को कहा। अंशु शर्मा ने कहा कि इस अवसर पर बोलते हुए कहा कि 1966 के छात्र शहीद उनके लिए प्रेरणा हैं क्योंकि उन्होंने जम्मू क्षेत्र के लोगों के अधिकारों के लिए लड़ते हुए अपने जीवन का बनिदान दिया। उन्होंने कहा कि यह उनकी शहादत के कारण ही आज जम्मू में एसकेयूएएसटी-जे और सरकारी मेडिकल कॉलेज अलग हैं। उन्होंने कहा कि डोगरा क्षेत्र की युवा पीढ़ी, विशेष रूप से छात्र समुदाय को, उनके बलिदान के बारे में जानने की आवश्यकता है और उनकी शहादत से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने छात्र समुदाय से इन महान शहीदों के दिखाए मार्ग पर चलने की अपील की और डोगरा क्षेत्र के साथ भेदभाव के खिलाफ इन शहीदों द्वारा शुरू की गई लड़ाई को जारी रखने का संकल्प लिया। अतुल सूदन राज्य उपाध्यक्ष ने शहीदी स्थल के तत्काल जीर्णाेद्धार की मांग की। उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं के प्रति सरकार का भेदभावपूर्ण रवैया अभी भी जारी है और जेजेएसएफ को जम्मू क्षेत्र के न्याय के लिए निर्णायक भूमिका निभानी है। उन्होंने समूचे छात्र समुदाय से अपील की कि वे उन छात्रों के लिए एक जन आंदोलन के लिए एकजुट हों, जो कलस्टर विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जेजेएसएफ तब तक संघर्ष करेगी जब तक कि प्रत्येक छात्र को क्लस्टर यूनिवर्सिटी जम्मू में प्रवेश नहीं मिल जाता। इस अवसर पर मौजूद अन्य लोगों में साहिल चौहान, सुनील शर्मा, सुशांत गुप्ता, माणिक शर्मा, गुरजिंदर सिंह, अभिषेक चिब, उत्तम कुमार, देवदित्य शर्मा, दुष्यंत, रितिक वर्मा, राहुल धर्मव, अभिषेक शर्मा, आर्यन शर्मा, अविनाश सिंह, जसमीत सिंह, दीपक सिंह शामिल थे। गुप्ता, अभिजीत सिंह, सीमांत सिंह आदि शामिल थे। हिन्दुस्थान समाचार/अमरीक/बलवान-hindusthansamachar.in