चतुर्थ श्रेणी की योग्यता का भेदभावपूर्ण मानदंड बदलें: डिंपल
चतुर्थ श्रेणी की योग्यता का भेदभावपूर्ण मानदंड बदलें: डिंपल
जम्मू-कश्मीर

चतुर्थ श्रेणी की योग्यता का भेदभावपूर्ण मानदंड बदलें: डिंपल

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जम्मू, 02 अगस्त (हि.स.)। जम्मू वेस्ट असैंबली मूवमेंट के अध्यक्ष सुनील डिंपल ने रविवार को उप राज्यपाल जी.सी. मुर्मू से मांग की कि वह चतुर्थ श्रेणी के भेदभावपूर्ण पात्रता मानदंड में बदलाव करें। उन्होंने एसआरओ 202 को पूरी तरह से समाप्त करने और एसआरओ 24 के तहत नियुक्त किए गए बर्खास्त सभी सटाफ को बहाल करने तथा सभी दैनिक वेतनभोगियों को नियमित करने की भी मांग उठाई। इस सिलसिले में उन्होंने एलजी मुर्मू और जम्मू कश्मीर सरकार को भेजे गए एक ाापन में यह मांगें उठाई हैं। उन्होंने कहा कि बेरोजगार युवकों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ ही विभिन्न विभागों के एसआर 24 के बर्खास्त कर्मचारियों और दैनिक वेतनभोगियों तथा एसआरओ 202 के कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल ने उनके साथ मुलाकात की और मांगों का समाधान करने के लिए प्रस्ताव पारित किया और इसे एलजी जीसी मुर्मू और जम्मू एंड सरकार को भेज दिया गया है। उनको संबोधित करते हुए सुनील डिंपल ने एलजी जीसी मुर्मू से मांग की कि बेरोजगार युवकों द्वारा पारित मांगों को हल करने के लिए वह विचार करें। उन्होंने नई भेदभावकारी भर्ती नीति को बदलने की मांग की, जिसने कई डिग्री धारकों और असहाय उच्च योग्य युवाओं को चतुर्थ श्रेणी की विशेष भर्ती में भाग लेने से रोक दिया है। जेकेएसएसबी ने हाल ही में जेकेयूटी में विभिन्न विभागों में चतुर्थ श्रेणी के 8575 पदों का विज्ञापन किया है। उन्होंने यह भी मांग की कि जम्मू कश्मीर के युवाओं को केवल पीआरसी के आधार पर ही जम्मू-कश्मीर सरकार की नौकरी दी जानी चाहिए। हिन्दुसथान समाचार/अमरीक/बलवान-hindusthansamachar.in