कठुआ में एबीवीपी के सदस्यों ने 45 हजार छात्रों को कॉलेज में दाखिला ना मिलने और लाठीचार्ज करने के विरोध में यूटी सरकार का पुतला जलाया
कठुआ में एबीवीपी के सदस्यों ने 45 हजार छात्रों को कॉलेज में दाखिला ना मिलने और लाठीचार्ज करने के विरोध में यूटी सरकार का पुतला जलाया
जम्मू-कश्मीर

कठुआ में एबीवीपी के सदस्यों ने 45 हजार छात्रों को कॉलेज में दाखिला ना मिलने और लाठीचार्ज करने के विरोध में यूटी सरकार का पुतला जलाया

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कठुआ, 15 अक्तूबर (हि.स.)। कठुआ में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्यों ने 45 हजार छात्रों को कॉलेज में दाखिला ना दिए जाने और एबीवीपी के छात्रों पर लाठीचार्ज करने के विरोध में यूटी सरकार का पुतला जलाकर प्रदर्शन किया। गुरुवार को कठुआ के मुख्य शहीदी चैक में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों ने यूटी सरकार का पुतला जलाकर जोरदार नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश सह मंत्री मयंक मंगोत्रा ने बताया कि जम्मू कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश यूटीी सरकार तानाशाही रवैया अपना रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में बीते दिनों जम्मू कश्मीर बोर्ड द्वारा जिन 12वीं कक्षा के बच्चों को प्रमोट कर उन्हें पास कर दिया गया था। लेकिन जब वही बच्चे आगे कॉलेज में दाखिला लेने के लिए जा रहे हैं तो उन्हें कालेज प्रशासन की ओर से साफ इनकार कर दिया कि जा रहा है। उन्हें कहा जाता है कि उनके पास अभी सीट खाली नहीं है और अभी दाखिला नहीं हो पाएगी। उन्होंने यूटी सरकार से सवाल करते हुए पूछा कि अगर जेके बोर्ड ने उन बच्चों को प्रमोट कर पास कर दिया है तो फिर कॉलेज में उनका दाखिला क्यों नहीं हो रहा। उन बच्चों के साथ तानाशाही रवैया अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बीते दिनों इसी संबंध में जम्मू में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्य जिला सचिवालय में सचिवालय में उच्च अधिकारियों से मिलने के लिए जा रहे थे, लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया गया और उल्टा उन पर लाठीचार्ज किया गया, जोकि निंदनीय है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर यूटी सरकार इस वक्त तानाशाही रवैया अपना रहे हैं, मनमर्जी पर उतरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि जब छात्र अपने हक के लिए सड़कों पर उतर रहे हैं तो उन पर लाठियां भांजी जा रही है। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर 45 हजार छात्रों को दाखिला नहीं दिया जाता है तो पूरे प्रांत में उग्र प्रदर्शन किया जाएगा जिसकी पूरी जिम्मेदारी जम्मू कश्मीर यूटी सरकार की होगी। हिन्दुस्थान/समाचार/सचिन/बलवान-hindusthansamachar.in