अस्थायी कर्मियों ने पी.एच.ई इंप्लायज यूनाइटेड फ्रंट के बैनर तले लंबित मांगों को लेकर किया प्रदर्शन
अस्थायी कर्मियों ने पी.एच.ई इंप्लायज यूनाइटेड फ्रंट के बैनर तले लंबित मांगों को लेकर किया प्रदर्शन
जम्मू-कश्मीर

अस्थायी कर्मियों ने पी.एच.ई इंप्लायज यूनाइटेड फ्रंट के बैनर तले लंबित मांगों को लेकर किया प्रदर्शन

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उधमपुर, 5 नवम्बर (हि.स.)। पी.एच.ई इंप्लायज यूनाइटेड फ्रंट जिला ऊधमपुर के बैनर तले की पी.एच.ई अस्थायी कर्मचारियों द्वारा की जा रही कामछोड़ हड़ताल वीरवार को 42वें दिन में दाखिल हो गई। वहीं आज भी अस्थायी कर्मचारियों ने राजिंद्र शर्मा की अध्यक्षता में वाडेयां पीएचई स्टेशन पर प्रदेश प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर राजिंद्र शर्मा का कहना था कि पीएचई अस्थायी कर्मचारियों द्वारा अपनी लंबित जायज मांगों लेकर की जा रही कामछोड़ हड़ताल 42वें दिन में दाखिल हो गई है लेकिन न ही प्रदेश प्रशासन और न ही विभाग ने अस्थायी कर्मचारियों की हड़ताल को समाप्त करवाने के लिए कोई कदम उठाया है, जिस कारण गत दिन अस्थायी कर्मचारियों की हड़ताल और अगले 72 घंटे के लिए बढ़ा दी गई है। उनका कहना था कि वह भी जानते हैं कि उनकी हड़ताल के कारण शहरवासियों को पानी संबंधित दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है लेकिन वह भी मजबूर हो गए हैं, क्योंकि चाहे वर्तमान सरकार हो या फिर पहले की सरकारें हो। सभी ने उनकी मांगों को लेकर केवल ढिलमुल रवैया ही अपनाया तथा उनकी मांगों को हल करने के लिए कोई भी कदम नहीं उठाया है। उनका कहना था कि अब अस्थायी कर्मचारी आर-पार की लड़ाई लड़ रहे हैं ताकि उनकी जायज मांगों का इस बार निपटारा होकर रहे। इस अवसर पर राजिंद्र शर्मा ने एक बार फिर से संबंधित विभाग व प्रदेश प्रशासन से अपील की कि वह जल्द से अस्थायी कर्मचारियों की कामछोड़ हड़ताल का संज्ञान लें तथा उनकी मांगों को हल करने के लिए जरूरी कदम उठाएं ताकि इन कर्मचारियों को कुछ राहत मिल सके। वहीं राजिंद्र शर्मा ने सभी कर्मचारियों से अपील करते हुए कहा कि अस्थायी कर्मचारियों की हड़ताल को सफल बनाने हेतु एकजुट रहें। अपने विचार रखने वालों में वरिष्ठ फ्रंट लीडर कलभूषण भट्ट, अजय समैलिया, विवेक शर्मा, संजय कुमार, कर्ण सिंह, शमशेर सिंह, दिनेश केसर, अरूण सिंह, सुदेश कुमार, आशीष शर्मा, मोहन लाल, आदि थे। अस्थायी कर्मचारियों की मांगें 1, सीपीध्आईटीआईध्लैंड केस वर्कर्स जिन्होंने 7 वर्ष का कार्यकाल पूरा कर लिया है को स्थायी करना। 2, बकाया वेतन जारी करना, 3, यूटी स्टेटस के तहत मिनिमम वेजिज एक्ट लागू करना, 4, 12 वाउचर रेड को तुरंत प्रभाव से हटाना, 5, सेवानिवृत डेलीवेजर्स के बकायात को जल्द क्लेयर करना, 6, 15 वर्ष से अधिक कार्य करने वाले अनपेड वर्कर्स का रिकार्ड बनाना तथा इन कर्मियों को अंधेरे में रखने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना आदि हैं। अस्थायी कर्मचारियों की हड़ताल से पानी की सप्लाई हो रही है प्रभावित अस्थायी कर्मचारियों द्वारा की जा रही कामछोड़ हड़ताल के कारण पानी की सप्लाई पर भी इसका असर देखने को मिल रहा है। कई स्थानों पर सप्लाई दूसरे, तीसरे दिन तो कई स्थानों पर सप्ताह में दो बार ही आ रही है। वहीं पीएचई विभाग की तरफ से स्थायी कर्मचारियों की मदद से सप्लाई को सुचारू रखने के लिए हर संभव प्रयास भी किए जा रहे हैं लेकिन उसके बावजूद भी कई स्थानों पर सप्लाई प्रभावित हो रही है। शहरवासियों की मांग, जल्द हल हो अस्थायी कर्मचारियों की समस्याएं अस्थायी कर्मचारियों द्वारा की जा रही कामछोड़ को लेकर शहरवासी भी परेशान दिख रहे हैं। कई शहर वासियों का कहना था कि पीएचई विभाग के उच्च अधिकारियों तथा प्रदेश प्रशासन को उनकी जायज मांगों को हल करने के जरूरी कदम जल्द उठाए जाने चाहिए। उनका कहना था कि अस्थायी कर्मचारी वार-वार हड़ताल पर जाते हैं, जिससे सबसे ज्यादा परेशानी शहर वासियों को होती है। उनका कहना था कि इस समस्या का कोई स्थायी समाधान किया जाना चाहिए ताकि कर्मचारियों को बार-बार हड़ताल का रास्ता न अपनाना पड़े। हिन्दुस्थान समाचार/रमेश/बलवान ------------hindusthansamachar.in