कांगडा के टांडा मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस के दो ताजा मामले

कांगडा के टांडा मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस के दो ताजा मामले
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धर्मशाला, 22 मई (हि.स.)। कोरोना संकट से जूझ रहे हिमाचल में अब ब्लैक फंगस की दस्तक ने एक नई चुनौती खड़ी कर दी है। शनिवार को टांडा मेडिकल कालेज में दो लोगों में ब्लैक फंगस के मामले सामने आने से हडकंप मच गया है। ब्लैक फंगस ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। कोरोना से जूझ रहे लोगों के सामने अब और अधिक बचाव करने का संकट है। महामारियों के इस दौर में अपने आप को कैसे बचाया जाना हैए यह अब सबके सामने बड़ी चुनौती है। टांडा में सामने आए दो मामलों में एक महिला व एक पुरूष है। दोनों ही स्थानीय बताए जा रहे हैं। टांडा में सामने आए इन दो मामलों के मरीज कोरोना से संक्रमित है और इन मरीजों में ही ब्लैक फंगस के लक्ष्ण पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने गाइडलाईन के मुताबित उनका उपचार शुरू कर दिया है। लेकिन एक साथ दो महामारियों से जूझना सरकार प्रशासन व स्वास्थ्य महकमें के लिए भी आसान नहीं होगा। कांगड़ा सहित विभिन्न स्थानों पर सामने आ रहे ब्लैक फंगस के मामलों ने चिंता इसलिए भी बढ़ा दी है कि न तो इन मरीजों की कोई ट्रैवल हिस्ट्री है और न ही कोई अन्य कारण। ऐसे में यहां ब्लैक फंगस पहुंचा तो पहुंचा कैसे इस बात को लेकर भी कई तरह के कयास लगाए जा रहे है। चिकित्सा विशेषज्ञ भी इस बात को लेकर चिंतित हो गए हैं कि आखिर अचानक अस्पताल में दाखिल मरीजों में यह लक्ष्ण कैसे आ गए। कोरोना मरीज ही ब्लैक फंगस का शिकार हो रहे हैं या फिर अन्य कोई कारण हैं। वहीं उपायुक्त कांगड़ा राकेश प्रजापति का कहना है कि सरकार ने ब्लैक फंगस को महामारी घोषित कर दिया है और प्रशासन भी स्वास्थ्य महकमें से मिलकर मरीजों को सुविधाएं देने के लिए विशेष योजना पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि संकट के समय में लोग घवराएं नहीं हौंसला रखें सरकार व प्रशासन लगातार प्रयास कर रहे हैं। उधर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा गुरदर्शन गुप्ता ने टांडा में ब्लैक फंगस के दो नए मामले आने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि एक महिला और एक पुरूष जो स्थानीय निवासी हैंए वह ब्लैंक फंगस से संक्रमित हुए हैं। उनका इलाज मेडिकल कालेज में चल रहा है। हिन्दुस्थान समाचार/सतेंद्र/सुनील

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