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हिमाचल-प्रदेश

हिमाचल में पार्टी चिन्ह पर होंगे नगर निगम चुनाव, दल-बदल कानून के दायरे में आएंगे पार्षद

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शिमला, 23 फरवरी (हि.स.)। हिमाचल में अप्रैल माह में होने वाले नगर निगमों के चुनाव पार्टी चुनाव चिन्ह पर होंगे। पार्टी सिंबल पर चुनाव होने के बाद पार्षद भी दल बदल कानून के दायरे में आएँगे। नगर निगमों में महापौर पद के आरक्षण रोस्टर में ओबीसी को भी आरक्षण का प्रावधान किया जाएगा। मंगलवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में निगम चुनाव पार्टी चुनाव चिन्ह पर करवाने का अहम फैसला लिया गया। शहरी विकास एवं विधि मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते हुए बताया पार्टी सिंबल पर निगम चुनाव करवाने के मकसद से कैबिनेट ने नगर निगम कानून व नियमों में संशोधन का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि संशोधन विधेयकों को विधानसभा में पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पांच नगर निगम हैं। वर्तमान कानून में नगर निगमों में महापौर पद पर ओबीसी को आरक्षण का प्रावधान नहीं है। उन्होंने कहा कि संशोधन के बाद नगर निगमों में महापौर पद पर ओबीसी को आरक्षण का प्रावधान किया जाएगा। अनुसूचित जाति, जनजाति, महिला के अलावा ओबीसी को भी महापौर पद पर आरक्षण मिलेगा। शहरी विकास मंत्री ने बताया कि कैबिनेट की बैठक में आयुक्त के पद पर आईएएस व एचएएस के साथ साथ अन्य सेवाओं के अधिकारियों की पदोन्नति के लिए भी सरकार ने नियम बदले हैं। पहले आईएएस अथवा एचएएस अधिकारी दस साल की सेवा के बाद आयुक्त के पद पर पदोन्नत होते थे। मगर अब सरकार ने दस के स्थान पर आईएएस के लिए सात साल तथा एचएएस काडर के अधिकारियों को नौ साल की सेवा के बाद आयुक्त बनाने का फैसला लिया है। माना जा रहा है कि इस फैसले के बाद सरकार को नव गठित सोलन, पालमपुर व मंडी नगर निगमों में आयुक्तों की तैनाती में आसानी होगी। हिन्दुस्थान समाचार/उज्ज्वल/सुनील