कोटखाई गुडिय़ा प्रकरण में फिर उठी जांच की मांग, सीबीआई जांच से संतुष्ट नहीं गुड़िया के परिजन
कोटखाई गुडिय़ा प्रकरण में फिर उठी जांच की मांग, सीबीआई जांच से संतुष्ट नहीं गुड़िया के परिजन
हिमाचल-प्रदेश

कोटखाई गुडिय़ा प्रकरण में फिर उठी जांच की मांग, सीबीआई जांच से संतुष्ट नहीं गुड़िया के परिजन

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शिमला, 23 जुलाई (हि.स.)। कोटखाई गुडिय़ा प्रकरण को भले ही चार साल बीत गए हो पर प्रदेश को झकझोर कर रख देने वाला यह रेप और हत्याकांड मामला अभी भी लोगो के जहन से उतर नही पा रहा है। हिमाचल की राजनीति में खलबली मचाने वाले इस प्रकरण में समूचे प्रदेश के लोग बार बार फिर से जांच करवाने की मांग कर रहे है। गुडिय़ा के परिजन और प्रदेश की जनता इंसाफ के इंतजार में है। गुडिय़ा के पिता और बहन ने एक बार फिर सीबीआई जांच पर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार से दोबारा जांच करवाने की मांग की है। गुरुवार को शिमला में गुडिय़ा के पिता ने मीडिया से अनोपचारिक बातचीत करते हुए सीबीआई जांच को अधूरा बताया और कहा कि उन्हें विश्वास ही नही हो रहा है कि अकेला चार फुट का व्यक्ति इस जघन्य अपराध को अंजाम दे सकता है। गुडिय़ा की बहन ने भी कहा कि इसमें एक ज्यादा लोग शामिल हैं और हम सीबीआई जांच से संतुष्ट नहीं हैं । उन्होंने कहा इस मामले में कुछ अहम साक्ष्य छूट गए हैं। गुडिय़ा की क्लिप और जुराब अब तक नहीं मिली है, जिससे काफी जानकारी मिल सकती थी। गुडिय़ा की बहन ने आम जनता और केंद्र सरकार से न्याय दिलवाने की मांग की है और कहा कि केंद्र सरकार फिर से इस मामले की जांच करवाए ताकि गुडिय़ा को न्याय मिल सके। यह बता दे कि गुजरात फोंरेसिक लैब के एक्सपर्ट के हल्पनामें और ब्यान के बाद कोटखाई गुडिय़ा प्रकरण में फिर जांच करने की मांग उठी थी । प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकूर से गुडिय़ा के परिजनो ने मिलकर इस मामले की फिर जांच करने के लिए न्यायधीश की अध्यक्षता में कमेटी का गठन करने या फिर सर्वोच्च न्यायालय से जांच कमेटी के गठन की सिफारिश करनेका आग्रह भी किया था। उल्लेखनीय है कि भाजपा ने चुनाव के वक्त गुडिय़ा मामले को प्रमुख मुद्दा बनाया था । सीबीआई कोर्ट में चल रही कार्रवाई से एक के बाद एक कडिय़ाँ खुल रही हैं। गुडिय़ा न्याय मंच शुरू से इस बात को कहता रहा है कि गुडिय़ा का बलात्कार व निर्मम हत्या किसी एक दरिंदे का कार्य नहीं था बल्कि यह एक सामूहिक सुनियोजित जघन्य अपराध था। सीबीआई द्वारा एक चरानी को गिर तार करना भी ताक पर लगी अपनी साख व इज़्ज़त को बचाने का ही काम था व तमाम मसले पर केवल लीपापोती का ही कार्य था। अहम बात यह है कि देश के प्रधानमंत्री से कोटखाई गुडिय़ा प्रकरण की जांच करनेवाली देश की सर्वोच्च जांच एजैंसी (सीबीआई) की शिकायत की जा चुकी है । मदद सेवा ट्रस्ट ने प्रधानमंत्री को लिखे शिकायत पत्र में कहा था कि कोटखाई गुडिय़ा प्रकरण की सीबीआई जांच में लोगो को भरोसा नही है । यह जांच अधूरी है। इसमें सूरज हत्याकांड को लेकर चंडीगढ़ की कोर्ट में सौंपी गई फॉरेंसिक साइंस निदेशालय गुजरात की रिपोर्ट का भी हवाला दिया गया है। इसमें फॉरेंसिक साइंस विशेषज्ञों ने दुष्कर्म केस में एक से ज्यादा आरोपी होने की बात कही है, जबकि जांच के दौरान केवल इकलौता आरोपी ही पकड़ा गया है। कोटखाई गुडिय़ा प्रकरण में दोबारा से जांच करवाई जाए, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नही की गई है । हिन्दुस्थान समाचार/उज्ज्वल/सुनील-hindusthansamachar.in