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हिमाचल-प्रदेश

हिमाचल के कुल्लू, मण्डी, कांगड़ा, चम्बा और शिमला में पैराग्लाइडिंग कर सकेंगे सैलानी, अधिसूचना जारी

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शिमला, 24 फरवरी (हि.स.)। प्रदेश सरकार ने साहसिक पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पैराग्लाइडिंग और रीवर राफ्टिंग के लिए अतिरिक्त स्थान अधिसूचित किए हैं। निदेशक, पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन यूनुस ने बुधवार को बताया कि प्रदेश में आने वाले पर्यटक अब जिला कुल्लू, मण्डी, कांगड़ा, चम्बा और शिमला में नए स्थानों पर जाकर पैराग्लाइडिंग का आनंद उठा सकते हैं। नई राहें नई मंजिलें योजना के तहत प्रदेश में सहासिक खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए अनछुए क्षेत्रों को विकसित करने की संभावनएं भी तलाश की जा रहीं हैं। निदेशक ने कहा कि नए पैराग्लाइडिंग स्थलों पर जिला कुल्लू के पंधारा से गाड़सा और खड़गान से नंगाबाग, जिला कांगड़ा में तंग नरवाना से खिरकू, जिला चम्बा में दरोटा से लहारा (खजियार) और लहारा से दरोल तथा रेना से नैनीखड्ड जरैई आदि स्थान अधिसूचित किए गए हैं। जिला मण्डी में पैराग्लाइडिंग के लिए अधिसूचित किए गए स्थानों में पराशर और स्पेनीधार और जिला शिमला में टिक्कर, जुन्गा से चैरी/जुन्गा शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जल क्रीड़ा को प्रोत्साहित करने के लिए ब्यास नदी में नादौन से देहरा पुल को रीवर राफ्टिंग के लिए अधिसूचित किया गया है। पैराग्लाइडिंग पायलट और पर्यटकों की सुरक्षा के लिए पर्यटन विभाग ने अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण एवं सम्बद्ध खेल संस्थान, मनाली के समन्वय से पैराग्लाइडिंग पायलटों को प्रशिक्षण देने की पहल की है। इसके तहत टैंडम पैराग्लाइडिंग पायलट के लिए एसआईवी पाठ्यक्रम शामिल है, जो पैराग्लाइडिंग के लिए एक सुरक्षा प्रशिक्षण पाठ्यक्रम है। यूनुस ने बताया कि पिछले दो वर्षों के दौरान 749 लोगों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है जिस पर लगभग दो करोड़ रुपये का व्यय किए गए हैं। इनमें सामान्य पर्वतारोहण पाठ्यक्रम, पैराग्लाइडिंग पाठ्यक्रम, बुनियादी, मध्यम और आधुनिक स्कींइग पाठ्यक्रम के अलावा नए चिन्हित किए गए क्षेत्रों में स्थानीय लोगों को प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए एसआईवी आदि कोर्स शामिल हैं। उन्होंने कहा कि नए अधिसूचित स्थानों के अलावा प्रदेश में सहासिक खेल प्रेमियों के लिए कई अन्य स्थान भी चिन्हित किए गए हैं जहां वे पैराग्लाइडिंग कर सकते हैं। इन स्थानों में जिला कांगड़ा में बीड़-बिलिंग और धर्मशाला के निकट चोहला इन्द्रू नाग, जिला सोलन में मौजा रिहाद से करगाणु, जिला सिरमौर में सेर-जगास शामिल हैं। रीवर राफ्टिंग के लिए जिला कुल्लू में शमशी से जीहरी और बबेली से पारदी, जिला शिमला में लूहरी से तत्तापानी, लाहौल-स्पीति में दारचा से जिस्पा और काजा पुल से ताबो शामिल हैं। विभाग का लक्ष्य इच्छुक लोगों को प्रशिक्षण के प्रावधान के अलावा नए क्षेत्रों को पर्यटन और सहासिक खेलों की दृष्टि से प्रोत्साहित करना है। हिन्दुस्थान समाचार/उज्ज्वल/सुनील