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हिमाचल-प्रदेश

नवरात्र के दौरान कांगड़ा के मुख्य शक्तिपीठों में बदला-बदला दिखेगा नजारा, लंगर व्यवस्था पर रहेगी पाबंदी

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धर्मशाला, 01 अप्रैल (हि.स.)। कोरोना महामारी के बीच होने वाले चैत्र नवरात्र को लेकर इस बार कांगड़ा जिला के शक्तिपीठों में नजारा बदला-बदला दिखेगा। 13 अप्रैल से 22 अप्रैल तक मनाए जाने वाले चैत्र नवरात्रों में इस बार श्रद्धालुओं के लिए कई तरह का पाबंदियां भी रहेंगी। कांगड़ा जिला के तीन मुख्य शक्तिपीठों ज्वालामुखी, बज्रेश्वरी तथा मां चामुंडा शक्तिपीठों में चलाई जाने वाली लंगर व्यवस्था पूरी तरह बंद रहेगी। हालांकि होटलों तथा सरायों में अन्य राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को ठहराने के लिए कोविड संबंधी नियमों की पालना सुनिश्चित करने की शर्त पर प्रशासन ने हामी भर दी है। मंदिरों में आने वाले श्रद्धालुओं को मास्क पहनना अनिवार्य होगा। इसके अलावा कोविड सम्बधित अन्य दिशा-निर्देशों को भी मानना होगा। धार्मिक नगरी ज्वालामुखी की बात करें तो नवरात्रों के दौरान उमड़ने वाली भीड़ को कोरोना संक्रमण से बचने के लिए मास्क पहनना सख्ती से लागू किया जाएगा। गुरूवार को मंदिर न्यास द्वारा नवरात्रों की व्यवस्थाओं को लेकर बुलाई गई बैठक में यह निर्णय हुए हैं। बैठक में नवरात्रों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए अतरिक्त पुलिस बल मंगवाने तथा यातायात व्यवस्था की सुचारू रूप से चलाने के लिए भी विशेष प्रबंध करने की सहमति हुई है। मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा ढोल नगाड़ों के साथ झुंडों में चलने पर पूरी पाबंदी रहेगी। इस बार के नवरात्रों में हालांकि श्रद्धालु भोग प्रसाद मंदिर तक ले जा पायेंगे। लेकिन माता के गर्भगृह में नारियल के चढ़ावे पर प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन ने तय किया है कि मंदिर गर्मियों की समयसारिणी के अनुसार खुलेगा व बंद होगा लेकिन भीड़ बढ़ी तो मंदिर के कपाट 24 घंटे खोलने से भी प्रशासन पीछे नहीं हटेगा। कोई भी श्रद्धालु किसी तरह का तेजधार हथियार मंदिर परिसर तक नहीं ले जा सकता। कोरोना महामारी के दौरान हो रहे नवरात्रों में सफाई व्यवस्था सबसे अहम है, इसलिए शहर के गली कूचों के अलावा खाने पीने की चीजों में भी विशेष एहतिहात बरती जाएगी। स्वास्थ्य विभाग को इस बार सख्ती के निर्देश हुए हैं। किसी तरह के आपातकाल के लिए नगर में कंट्रोल रूम बनाये जायेंगे। यात्रियों की सुविधा के लिए पुलिस सहायता कक्ष 24 घंटे खुला रहेगा। सुरक्षा के मध्यनजर नगर को चार सेक्टर में बांटा जाएगा। पहले नवरात्र से ही धार्मिक नगरी में धारा 144 लागू की जाएगी। मंदिर अधिकारी ज्वालामुखी ने बताया कि नवरात्र कोविड नियमों की पालना करते हुए धूमधाम से मनाए जाएंगे। मंदिर प्रशासन एसओपी के तहत पूरी सतर्कता के साथ नवरात्रों का आयोजन करवाएगा। हिन्दुस्थान समाचार/सतेंद्र/उज्जवल