कुल्लू के ऐतिहासिक मलाणा गांव को अभी तक नहीं छू पाया कोरोना

कुल्लू के ऐतिहासिक मलाणा गांव को अभी तक नहीं छू पाया कोरोना
corona-has-not-yet-touched-the-historic-malana-village-of-kullu

कुल्लू, 22 मई (हि.स.)। मलाणा कुल्लू जिला का ऐतिहासिक गांव है जहां आज भी लोगों का देवता जमलू के आदेश पर अपना संविधान, कायदे कानून व तौर-तरीकों का पालन किया जाता है। आज जब कोरोना की दूसरी लहर गांव गांव में तेजी के साथ पांव पसार रही है, ऐसे में मलाणा गांव एक बार फिर दूसरों से हटकर होने का प्रमाण दिया है। गांव में कोरोना का एक भी मामला नहीं है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. सुशील चन्द्र ने जब गांव के प्रधान व लोगों से बात की तो उन्होंने बताया कि वह गांव से बाहर नहीं आते जाते हैं और न ही गांव में किसी सैलानी या अन्य लोगों का प्रवेश करवाते। यही कारण है कि अभी तक कोरोना महामारी से गांव पूरी तरह से सुरक्षित है। चिकित्सा खण्ड जरी के चिकित्सकों व स्टाफ का एक दल मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. सुशील की अगुवाई में शनिवार को कोरोना वैक्सीनेशन के लिए मलाणा गांव पहुंचा। विशेष शिविर में गांव के 45 आयुवर्ग से अधिक के कुल 73 लोगों को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज प्रदान करने का लक्ष्य था। दोपहर तक 45 लोगों को वैक्सीन का टीका लग चुका था। वैक्सीन की डोज सबसे पहले मलाणा ग्राम पंचायत के प्रधान राजु राम को दी गई। राजु राम से जब वैक्सीन के बारे में बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि वह जानते हैं कि कोरोना महामारी जानलेवा है। सभी लोगों को इससे बचना है। उन्होंने अपने गांव को अभी तक बचा कर रखा है। गांव के लोगों को अनावश्यक बाहरी क्षेत्रों में नहीं जाने दिया जाता और न ही किसी बाहरी व्यक्ति को गांव में प्रवेश की इजाजत दी जाती है। प्रधान ने चिकित्सा दल का स्वागत किया और वैक्सीन के लिए आभार व्यक्त किया। इससे पूर्व, मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने मलाणा गांव के लोगों को वैक्सीन के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को वैक्सीन की डोज के कुछ घण्टे बाद बुखार आ सकता है। इसके लिए डरने की आवश्यकता नहीं है। केवल पैरासिटामोल या डोलो 650 का इस्तेमाल करना है। उन्होंने लोगों को दूसरी डोज के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वैक्सीन लगवाने के बाद यदि कोरोना हो भी जाता है तो व्यक्ति की जान को खतरा नहीं है। हिन्दुस्थान समाचार / जसपाल/उज्जवल

अन्य खबरें

No stories found.