हिमाचल में तय समय पर होंगे पंचायत चुनाव : जयराम ठाकुर
हिमाचल में तय समय पर होंगे पंचायत चुनाव : जयराम ठाकुर
हिमाचल-प्रदेश

हिमाचल में तय समय पर होंगे पंचायत चुनाव : जयराम ठाकुर

news

शिमला, 10 सितम्बर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव तय समय पर होंगे। नई पंचायतों के गठन के बाद आगे की चुनावी प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने यह ऐलान गुरुवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान किया। पंचायतों के पुनर्गठन को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में हस्तक्षेप करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 15 वर्षों से नई पंचायतों का गठन नहीं हुआ है। 2010 में नई पंचायतें बनाने की प्रक्रिया शुरू की थी लेकिन जनगणना कार्य के कारण नहीं हो पाया। अब 2020 में पंचायत चुनावों से पहले नई पंचायतों के गठन के प्रस्ताव आए हैं। जनप्रतिनिधियों ने प्रस्ताव भेजे हैं और इसकी समय रहते प्रक्रिया शुरू कर दी थी। इस बीच फिर से भारत सरकार के जनगणना विभाग की अधिसूचना आई कि जनगणना कार्य शुरू होना है और नई पंचाय़तें और नया रेवेन्यु यूनिट नहीं बना सकते। बाद में कोविड के चलते केंद्र सरकार ने जनगणना की अधिसूचना वापस ले ली और फिर नई यूनिट बनाने को अधिकृत किया और सरकार ने पंचायतों के गठन की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि कई इलाके दूरदराज और पिछड़े हैं, वहां नई पंचायतों के गठन में तय नियमों में थोड़ी ढील दी गई है। इससे पहले विधायक हीरा लाल, इंद्रदत्त लखनपाल और विनय कुमार के संयुक्त प्रश्न के उत्तर में पंचायतीराज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि 2005 में 206 नई पंचायतें बनाई गई थीं। उनका कहना था कि हिमाचल में बहुत से इलाके पिछड़े हैं, वहां लंबी-लंबी पंचायतें हैं। वहां अभी भी पंचायत मुख्यालय के लिए 20-25 किमी. जाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि पहले जनसंख्या गणना के कारण नई पंचायतें बनाने का काम रोका था लेकिन बाद में कोरोना के कारण जनगणना का कार्य बंद हो गया। इसके बाद सरकार ने नई पंचायतें बनाने का कार्य शुरू किया। सरकार ने 22 अगस्त को 230 नई पंचायतों का गठन किया। इसकी अधिसूचना जारी कर दी। बाद में एक ग्राम पंचायत अंब को नगर पंचायत बनाने से एक पंचायत कम हुई और फिर 229 रह गईं। उन्होंने कहा कि पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव को टाला नहीं जा सकता और यह समय पर ही होंगे। विभाग ने कुल मिलाकर 325 नई पंचायतें बनाई हैं। कांग्रेस सदस्य इंद्रदत्त लखनपाल ने कहा कि बड़सर हलके में तीन पंचायतों को अलग किया है। इनमें से एक पंचायत को फिर से पुरानी में मिलाने का प्रयास किया जा रह है। ऐसा नहीं होना चाहिए। श्री रेणुका जी के विधायक विनय कुमार ने भी अपने हलके में कुछ और नई पंचायतों को बनाने का आग्रह किया था। इस बीच कांग्रेस सदस्य अनिरुद्ध सिंह ने कोटी पंचायत को विभाजित करने की मांग रखी। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने पंचायत चुनावों को लेकर सरकार से तीन सवाल पूछे कि वोटर लिस्ट को कब तक फाइनल किया जाएगा, आरक्षण रोस्टर कब लागू होगा और कोड आफ कंडक्ट कब लगेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपनी पिछड़ी पंचायतों के लिए मापदंड बदलें। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आपकी मेरी विधानसभा क्षेत्र पर नजर क्यों रहती है, जबकि लोगों के सुझाव और मांग के आधार पर नई पंचायतों का गठन किया गया है। हिन्दुस्थान समाचार/उज्ज्वल/बच्चन-hindusthansamachar.in