हिमाचल में एक साल तक सस्ते राशन की सब्सिडी से बाहर होंगे आयकर दाता
हिमाचल में एक साल तक सस्ते राशन की सब्सिडी से बाहर होंगे आयकर दाता
हिमाचल-प्रदेश

हिमाचल में एक साल तक सस्ते राशन की सब्सिडी से बाहर होंगे आयकर दाता

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शिमला, 07 सितंबर (हि.स.)। कोरोना महामारी के प्रकोप के बीच हिमाचल प्रदेश में आयकर दाताओं को आगामी एक साल तक खाद्यान्नों पर दी जाने वाली सब्सिडी नहीं मिलेगी। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत सरकारी डिपुओं में राशनकार्ड उपभोक्ताओं को खाद्यान्न सब्सिडी पर दिए जाते हैं। विधानसभा में सोमवार को मुकेश अग्निहोत्री के एक प्रश्न के लिखित उत्तर में सदन को बताया गया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत बीपीएल परिवारों के चयन के लिए वार्षिक आय की सीमा 45000 रुपए कर दी गई है ताकि डेढ़ लाख अतिरिक्त बीपीएल परिवारों का इस योजना के तहत चयन हो सके। उत्तर में ये भी कहा गया कि राज्य अनुदानित योजना के तहत प्रदेश के एपीएल उपभोक्ताओं को प्रति परिवार मिलने वाले खाद्य तेल, दालों और चीनी पर मिलने वाले अनुदानों को एक वर्ष के लिए क्रमशरू पांच रुपए प्रति लीटर, दस रुपए प्रति किलो और छह रुपए प्रति किलोग्राम प्रति माह कम कर दिया गया है। आयकरदाताओं को अनुदानित राशन न दिए जाने के फलस्वरूप लगभग डेढ़ लाख राशन कार्ड धारक इस योजना से बाहर होंगे। सदन को ये भी बताया गया कि आयकरदताओं को मिलने वाले उपदान को बंद करने तथा सरकार द्वारा राज्य अनुदानित योजना के तहत मिलने वाले उपदान को कम करने के फलस्वरूप 71 करोड़ रुपए से अधिक की वार्षिक बचत होगी। हालांकि सरकार ने लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत एपीएल उपभोक्ताओं को दी जा रहे गेहूं के आटे और चावल के दामों में कोई परिवर्तन नहीं किया है और इनकी दरें पहले जैसी ही हैं। हिन्दुस्थान समाचार/उज्जवल/सुनील-hindusthansamachar.in