हिमाचल की सीमाएं खोलने का मुद्दा विधानसभा में गूंजा
हिमाचल की सीमाएं खोलने का मुद्दा विधानसभा में गूंजा
हिमाचल-प्रदेश

हिमाचल की सीमाएं खोलने का मुद्दा विधानसभा में गूंजा

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शिमला,16 सितम्बर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के दरवाजे अन्य राज्यों से आने वालों के लिए खोलने की गूंज बुधवार को विधानसभा में भी सुनाई दी। विधानसभा में नियम-62 के तहत ध्यानाकर्षण प्रस्तावों पर चर्चा के तुरंत बाद नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्रिहोत्री ने इस मामले को उठाने की अनुमति मांगी। विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने इस पर कहा कि मुख्यमंत्री कोविड-19 पर अपना वक्तव्य देने वाले हैं, जिसमें सभी विषय आ जाएंगे। नेता प्रतिपक्ष और विपक्ष के अन्य सदस्यों ने विधानसभा अध्यक्ष से इस मामले को लेकर अपना पक्ष रखने की मांग की। विपक्ष जब अपनी बात पर अड़ा रहा तो पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी नोक-झोंक भी हुई। ऐसे में स्थिति की नजाकत को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने नेता प्रतिपक्ष को बोलने की अनुमति दी। मुकेश अग्निहोत्री ने अपना पक्ष रखते हुए कटाक्ष किया कि अब तक प्रदेश की जनता जयराम के भरोसे थी, लेकिन अब उसे राम भरोसे छोड़ दिया गया है। सरकार ने अपने हाथ खड़े कर दिए हैं और नौबत यहां तक पहुंच गई है कि प्रदेश में कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या 10 हजार और मरने वालों की संख्या 100 तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि सदन में रखी गई कैग की रिपोर्ट की प्रिंटिंग कॉपियां तक सदस्यों को उपलब्ध नहीं करवाई गई है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विपक्ष की तरफ से उठाए गए मामले पर जवाब देते हुए कहा कि मंत्रिमंडल की गत मंगलवार को हुई बैठक में प्रदेश में प्रवेश के लिए पंजीकरण की व्यवस्था को बंद करने का निर्णय लिया गया है, ताकि बिना किसी बाधा के आर्थिक गतिविधियां संचालित हो सके। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के मरीजों के लिए अब आईसीएमआर व भारत सरकार की तरफ से निर्धारित डिस्चार्ज पॉलिसी को फॉलो किया जाएगा। अब कोविड पॉजिटिव मरीज को 10 दिन बाद अगर निर्देशों के अनुरुप ए-सिमटोमैटिक हो तो उसका टेस्ट करने की जरुरत नहीं है और उसे उसे सात दिन के लिए गृह एकांतवास भेजा जाए। उन्होंने कहा कि पक्ष-विपक्ष के सदस्यों को चाहिए कि वह कोरोना संक्रमित लोगों को गृह एकांतवास के लिए प्रेरित करें ताकि अस्पताल में गंभीर रूप से जूझ रहे मरीजों का उपचार किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सीएसआईआर के माध्यम से पांच स्थानों पर मेक शिफ्ट अस्पताल बनाने का निर्णय लिया है। यह अस्पताल शिमला, टांडा, नालागढ़, ऊना व नाहन में बनेंगे। शुरू में यह अस्पताल 50 बिस्तर वाले होंगे, जिसमें सभी तरह की सुविधाएं उपलब्ध होगी। उन्होंने यह भी कहा कि मंत्रिमंडल ने नर्सिंग कॉलेज से संबंधित नई नीति का अनुमोदन भी किया है। हिन्दुस्थान समाचार/उज्ज्वल-hindusthansamachar.in