हवाई अडडे के विरोध में संघर्ष समिति 28 नवंबर को करेगी विरोध रैली
हवाई अडडे के विरोध में संघर्ष समिति 28 नवंबर को करेगी विरोध रैली
हिमाचल-प्रदेश

हवाई अडडे के विरोध में संघर्ष समिति 28 नवंबर को करेगी विरोध रैली

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मंडी, 05 नवम्बर (हि. स.)। वीरवार को बल्ह बचाओ किसान संघर्ष समिति की बैठक जोगिंदर वालिया की अध्यक्षता में कंसा मैदान में आयोजित हुई। समिति ने विरोध प्रकट करते हुए कहा कि सरकार द्वारा बल्ह में प्रस्तावित हवाई अड्डे को किसी दूसरे स्थान पर बनाया जाए समिति के सचिव नंदलाल वर्मा ने कड़े शब्दों में दुख जताया कि हमने मुख्यमंत्री से मिलने के लिए बार-बार समय मांगा लेकिन हमें समय नहीं दिया जा रहा है, जिलाधीश मण्डी के माध्यम से भी गुहार लगाई। समिति ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि 28 नवंबर को 11 बजे कंसा चौक से एसडीएम बल्ह के कार्यालय तक एक रैली का आयोजन किया जाएगा। इससे पहले समिति गांव-गांव जा कर किसानों को प्रस्तावित हवाई अड्डे से जो नुक्सान होगा उसके बारे में जागरूक करेगी। उन्होंने कहा कि जयराम सरकार एक तरफा फैसला बल्ह के किसानों के उपर थोप रही है जिसे कदापि सहन नहीं किया जाएगा। प्रस्तावित हवाई अड्डे से सिंचाई व्यवस्था, पीने के पानी, टावर लाइन चरमरा जाएग। इस प्रस्तावित हवाई अड्डे के बीचों बीच तीन नदियां जाती हैं उनका सरकार क्या करेगी। हिमाचल और केंद्र की सरकार किसान विरोधी होने के साथ-साथ एकतरफा निर्णय लेने वाली सरकारें हैं। उन्होंने कहा कि बल्ह में प्रस्तावित हवाई अड्डा क्षेत्र में आठ गांव सयांह, टांवा , जरलू , कुम्मी , छात्तड़ू , ढाबण, भौर ,डुंगराईं के लगभग 2000 स्थानीय परिवार प्रभावित हो रहे हैं। जिनकी आबादी 10000 से अधिक है और अधिकतर किसान प्रस्तावित हवाई अड्डे की वजह से भूमिहीन हो जाएंगे और पूरी तरह विस्थपित हो जाएंगे। समिति ने हैरानी जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जोकि अपने आपमें किसान हैं, वह बल्ह के किसानों की उपजाऊ जमीन को बर्बाद करने पर क्यों तुले हुए हैं। जबकि जिला में गैर उपजाऊ जमीन में हवाई अड्डे को बनाया जा सकता है। नंदलाल वर्मा नेे बतायाा कि हिमाचल सरकार ने अभी तक भूमि अधिग्रहण कानून 2013 को लागू नहीं किया है और न ही पुनस्र्थापना और पुनर्निवास की कोई नीति घोषित की है। भूमि का मुआवजा केवल सर्कल रेट के अनुसार फेक्टर एक लागू करके दिया जा रहा है । बल्ह प्रस्तावित हवाई क्षेत्र में जमीन के सरकल रेट इतने कम है कि जमीन कौडिय़ों के भाव जाएगी। संघर्ष समिति ने सरकार से बल्ह की उपजाऊ भूमि को हर हाल में बचाने का आग्रह किया है । वहीं चेतावनी दी है कि अन्यथा आने वाले दिनों में संघर्ष समिति जिला व राज्य स्तर पर कोई भी संघर्ष करने पर मजबूर हो जाएगी। जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। हिन्दुस्थान समाचार/मुरारी/सुनील-hindusthansamachar.in