सर्किट हाउस में वाहरी लोगों को ठहराने के मामले में हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब
सर्किट हाउस में वाहरी लोगों को ठहराने के मामले में हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब
हिमाचल-प्रदेश

सर्किट हाउस में वाहरी लोगों को ठहराने के मामले में हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब

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शिमला, 17 जुलाई (हि. स.)। शिमला शहर के चौड़ा मैदान स्थित सर्किट हाउस में दिल्ली से आए मेहमानों को ठहराने संबंधित मामले में हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार से एक सप्ताह में जवाब मांगा है। मुख्य न्यायाधीश लिंगप्पा नारायण स्वामी व न्यायाधीश अनूप चिटकारा की खंडपीठ ने अधिवक्ता वीरेंद्र ठाकुर द्वारा दायर याचिका की प्रारंभिक सुनवाई के दौरान उपरोक्त जवाब तलब किया। याचिका के अनुसार प्रदेश सरकार ने कोविड-19 कोरोना योद्धाओं जिसमें आईजीएमसी व दीनदयाल उपाध्याय शिमला के डॉक्टरों के लिए कुछ सर्किट हाउस, रेस्ट हाउस इत्यादि की व्यवस्था की है। प्रदेश सरकार ने अवैध रूप से बाहर से आए मेहमानों को भी इन गेस्ट हाउस में रहने की इजाजत दे दी है। याचिकाकर्ता के अनुसार 16 जुलाई 2020 को दिल्ली का एक परिवार सर्किट हाउस चौड़ा मैदान में रहने आया था उनमें एक व्यक्ति कोरोना पोजिटिव पाया गया। याचिका के माध्यम से प्रार्थी ने कोर्ट से आग्रह किया है कि बाहरी मेहमानों को सर्किट हाउस में किन परिस्थितियों पर ठहराय गया, उसकी जिला जज द्वारा न्यायिक जांच करवाई जाए एवं प्रदेश सरकार को उपयुक्त आदेश देने के लिए भी गुहार लगाई जिसके तहत सर्किट हाउस व रेस्ट हाउस का दुरुपयोग ना किया जाए। मामले पर सुनवाई 23 जुलाई को होगी। हिन्दुस्थान समाचार/सुनील-hindusthansamachar.in