संस्कार भारती के संगठन मंत्री ने किया केंद्रीय विश्वद्यिालय का दौरा
संस्कार भारती के संगठन मंत्री ने किया केंद्रीय विश्वद्यिालय का दौरा
हिमाचल-प्रदेश

संस्कार भारती के संगठन मंत्री ने किया केंद्रीय विश्वद्यिालय का दौरा

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धर्मशाला, 18 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश प्रवास पर आए संस्कार भारती के अखिल भारतीय राष्ट्रीय संगठन मंत्री दादा अभिजीत गोखले ने रविवार को धर्मशाला के केन्द्रीय विश्वविद्यालय का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने धौलाधार परिसर में कार्यकर्ताओं व लोक कलाकारों को संबोधित कर संस्कार भारती के कार्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि संस्कार भारती की स्थापना ललित कला के क्षेत्र में राष्ट्रीय चेतना लाने का उद्देश्य सामने रखकर की गई थी। इसकी पृष्ठभूमि में भाऊराव देवरस, हरिभाऊ वाकणकर, नानाजी देशमुख, माधवराव देवले और योगेन्द्र जैसे मनीषियों का चिन्तन तथा अथक परिश्रम था। 1954 से संस्कार भारती की परिकल्पना विकसित होती गई और 1981 में लखनऊ में इसकी विधिवत स्थापना हुई। 1988 में फाल्गुन शुक्ल पक्ष की एकादशी रंगभरी एकादशी को मीरजापुर इकाई का गठन किया गया। उन्होंने बताया कि इस समय देशभर में संस्कार भारती की 1200 से अधिक इकाइयां कार्य कर रही हैं।1990 से लगातार संस्कार भारती के वार्षिक अधिवेशन कला साधक संगम के रूप में आयोजित किए जा रहे हैं। जिनमें संगीत, नाटक, चित्रकला, काव्य, साहित्य और नृत्य विधाओं से जुड़े देशभर के स्थापित व नवोदित कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति के उत्कृष्ट मूल्यों की प्रतिष्ठा करने की दृष्टि से राष्ट्रीय गीत प्रतियोगिता, कृष्ण रूप-सज्जा प्रतियोगिता, राष्ट्रभावना जगाने वाले नुक्कड़ नाटक, नृत्य, रंगोली, मेहंदी, चित्रकला, काव्य-यात्रा, राष्ट्रीय कवि सम्मेलन आदि कार्यक्रमों का आयोजन संस्कार भारती कराता है। हिन्दुस्थान समाचार/सतेंद्र-hindusthansamachar.in