विधानसभा: कोरोना महामारी पर चर्चा में विपक्ष ने की सरकार की घेराबंदी
विधानसभा: कोरोना महामारी पर चर्चा में विपक्ष ने की सरकार की घेराबंदी
हिमाचल-प्रदेश

विधानसभा: कोरोना महामारी पर चर्चा में विपक्ष ने की सरकार की घेराबंदी

news

शिमला, 07 सितंबर (हि.स.)। हिमाचल विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को कोरोना महामारी का मुद्दा प्रमुखता से गूंजा। इस संबंध में नियम 67 के तहत लाई गई चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने सरकार पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने कहा कि सरकार कोरोना से निपटने के हर मोर्चे पर निटपने में असफल रही है और इस दौरान सरकार ने आपातकाल की तरह काम किया और हिमाचलियों पर देशद्रोह के मामले दर्ज कर डाले। अग्निहोत्री ने पूछा कि जब स्वास्थ्य विभाग मुख्यमंत्री के पास था तो इस विभाग में हुए कथित घोटाला को लेकर राजीव बिंदल का इस्तीफा क्यों लिया गया। उन्होंने मौजूदा सरकार के कनफ्यूज सरकार करार देते हुए कहा कि यह इतिहास में लिखा जाएगा कि सरकार ने संकटकाट में राशन दरों में बढ़ोतरी की और सब्सिडी में कटौती की। वहीं बिजली और बस के किराए में भारी बढ़ोतरी कर डाली। उन्होंने कहा कि जो बजट विधानसभा में पास किया गया था, उस पर केबिनेट कुछ और ही कर रही है। मुकेश अग्निहोत्री ने आरोप लगाया मौजूदा सरकार के कार्यकाल में सबसे ज्यादा सुसाइड हुए हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं की नौकरी छिंनी और बेरोजगारी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में तांडव मचा है और मुख्यमंत्री कार्यालय के नाक के नीचे महंगे दामों पर सेनिटाइजर खरीदे गए और पीपीई किट्स की जगह रेन कोट बांट दिए गए। उन्होंने कहा कि राजीव बिंदल को क्यों हटाया गया, जब उन्हें क्लीन चिट देनी थी। उन्होंने कहा कि मंत्री के खिलाफ जमीन खरीद को लेकर जांच चल रही है और सरकार बताए कि कितनी जमीन मंत्री ने खरीदी है। उन्होंने मुख्यमंत्री सहित पूरे मंत्रिमंडल से इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि आठ मार्च को विधानसभा के बजट सत्र में कोविड पर चर्चा कर लेते तो आज प्रदेश में 53 लोगों को कोरोना संक्रमण से अपनी जान न गंवानी पड़ती। उन्होंने कहा कि उस समय सरकार को प्रदेश को कोरोना मुक्त राज्य बनाने की होड़ मची हुई थी। उन्होंने कहा कि बजट सत्र में बिजली की दरों को लेकर बजट सत्र में कुछ पास हुआ और मंत्रिमंडल में इस संबंध में कुछ और ही निर्णय लिया। 25 प्रतिशत बस किराया पहले बढाया गया और 25 प्रतिशत किराया कोरोना संकट काल में बढ़ाकर लोगों पर आर्थिक बोझ डाला गया। उधर, मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष के आरोपों पर कहा कि वे विषय को भटका रहे हैं और तथ्यों पर बात नहीं कर रहे। उन्होंने कहा कि मंत्री के जमीन खरीद मामले में कभी नहीं कहा कि जांच विजिलेंस कर रही है। डॉ. राजीव बिंदल के इस्तीफे पर उन्होंने कहा कि जैसा उन्होंने उच्च मूल्यों को सामने रखा है, इसका सभी को अनुसरण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष पहले राजीव बिंदल से इस्तीफा मांग रहा था और जब उन्होंने इस्तीफा दिया तो उसके बाद उनसे (सीएम) इस्तीफा मांगा जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब विपक्ष ने शोर-शराबा किया तो राजीव बिंदल नैतिक मूल्यों के आधार पर इस्तीफा दिया था। सीएम ने कहा कि विपक्ष कोरोना के मामले पर विशुद्ध राजनीति कर रहा है जनता के बीच जाकर वे वहां भी बात रखेंगे। सीएम ने कहा कि कांग्रेस के पिछले शासनकाल में पहले तीन वर्षों में आत्महत्या के 1900 सामने आए हैं और उनकी सरकार में दो हजार आए हैं। हिन्दुस्थान समाचार/उज्जवल/सुनील-hindusthansamachar.in