मुख्यमंत्री की टिप्पणी को लेकर विधानसभा में विपक्ष का हंगामा
मुख्यमंत्री की टिप्पणी को लेकर विधानसभा में विपक्ष का हंगामा
हिमाचल-प्रदेश

मुख्यमंत्री की टिप्पणी को लेकर विधानसभा में विपक्ष का हंगामा

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शिमला, 10 सितम्बर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश विधानसभा में मानसून सत्र के चौथे दिन गुरुवार को प्रश्नकाल शुरू होने से पहले ही सदन में हंगामा हो गया। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बुधवार को चर्चा के दौरान विपक्ष के सदस्यों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की। अग्निहोत्री ने बताया कि सीएम ठाकुर ने कहा कि अगले जन्म भी विपक्ष के सदस्य ताली बजाते हुए पैदा हों।इस पर मुख्यमंत्री कहा कि बहुत ही महत्वपूर्ण विषय पर इस विधानसभा ने चर्चा को स्वीकार किया, जब चर्चा हो रही थी तो, उन्होंने सारी बात सुनी। इस दौरान विपक्ष की ओर से ऐसे-ऐसे शब्दों का जिक्र हुआ, जो सही नहीं थे। वह भी एक बार नहीं बल्कि कई बार बोले गए। फिर भी उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि चर्चा के जवाब के वक्त विपक्ष नारेबाजी कर रहा था और तालियां बजा रहा था। इस दौरान गलत शब्दों का प्रयोग किया गया और बाधा करने के लिए तालियां बजाई गई। इस पर उन्होंने यही कहा कि अगले जन्म में भी इसी खुशी में पैदा हों। किसी परिवार में जब बच्चा पैदा होता है तो अभिनंदन होता है। उन्होंने कहा कि विपक्ष हमें, दलाल, लुटेरे बोलते रहें। ऐसे में फिर एक-एक शब्द को देखना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी मंशा किसी की भावनाएं आहत करने की नहीं थी। उन्होंने कहा कि यहां वेतन काटने की बात उठी। उन्होंने कहा कि जब वेतन दे दिया तो उसका यहां जिक्र नहीं होना चाहिए था। इस पर सदन में शोर गुल होने लगा और सत्तापक्ष के सदस्य सीटों से उठे और कहा कि विपक्ष की कई टिप्पणियां गलत थी। फिर विपक्षी सदस्य भी उठे और शोरखराबा करने लगे। इस दौरान अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने सदस्यों को शांत करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि उन्हें सदन चलाना है। उन्होंने कहा कि प्रश्नकाल में बहुत से महत्वपूर्ण सवाल लगे हैं। उन्होंने कहा कि अगर चर्चा के दौरान कोई ऐसे शब्द आए होंगे जो असंसदीय है, तो वे उन्हें देखेंगे। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि जब स्पीकर की रूलिंग आ गई है कि सारे रिकार्ड के देखेंगे तो विपक्ष को आगे चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की भी ऐसी कोई मंशा नहीं थी कि वे विपक्ष की भावनाओं को ठेस पहुंचे। इसके बाद अध्यक्ष ने व्यवस्था दी कि अगर कोई असंसदीय शब्द होंगे तो उनको देखा जाएगा और फिर हटा दिया जाएगा। इसके बाद सदन की कार्यवाही आगे बढ़ी। हिन्दुस्थान समाचार/उज्ज्वल-hindusthansamachar.in