पार्वती पनविद्युत परियोजना के प्रभावितों का मुद्दा एनएचपीसी के बीओडी में उठाया जाएगा : ऊर्जा मंत्री
पार्वती पनविद्युत परियोजना के प्रभावितों का मुद्दा एनएचपीसी के बीओडी में उठाया जाएगा : ऊर्जा मंत्री
हिमाचल-प्रदेश

पार्वती पनविद्युत परियोजना के प्रभावितों का मुद्दा एनएचपीसी के बीओडी में उठाया जाएगा : ऊर्जा मंत्री

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शिमला, 17 सितम्बर (हि.स.)। ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी ने कहा है कि पार्वती पनविद्युत परियोजना के कारण प्रभावित परिवारों को मुआवजा और रोजगार देने का मामला सरकार एनएचपीसी की बोर्ड ऑफ डाइरेक्टर (बीओडी) में उठाएगी। विधायक सुरेंद्र शौरी के नियम 62 के तहत लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुये ऊर्जा मंत्री ने गुरुवार को कहा कि इस परियोजना से प्रभावित 609 परिवारों में से 33 लोगों को स्थाई रोजगार उपलब्ध करवा कर निर्धारित पैकेज का लाभ दे दिया गया है। शेष 501 परिवारों में से केवल 71 परिवारों ने ही इस लाभ को प्राप्त करने के लिये आवेदन प्रस्तुत किए हैं, जबकि 430 परिवार अभी भी इस योजना के तहत लाभ लेने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि लोगों की मांग है कि स्थाई रोजगार के लिए जो प्रभावित परिवार बच गए हैं, उनके किसी परिवार के अन्य सदस्य को रोजगार दिया जाए। जबकि मुआवजा लेने वालों की मांग है कि यह राशि कम है और इसे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि एनएचपीसी प्रबंधन ने इस मामले को बीओडी में ले जाने की बात कही है, लेकिन अभी तक बीओडी की बैठक में इस पर चर्चा नहीं हुई है। वे एनएचपीसी प्रबंधन से कहेंगे कि वे प्रभावितों को बीओडी की बैठक में ले जाएं। इससे पूर्व भाजपा सदस्य सुरेंद्र शौरी ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से बंजार विधानसभा क्षेत्र के तहत सैंज में बन रही पार्वती पन बिजली परियोजना से विस्थापित हुए परिवारों को रोजगार व मुआवजा न मिलने का मामला सदन में उठाया। शौरी ने कहा कि सैंज घाटी में बनी पार्वती पनबिजली परियोजना स्टेज-दो और तीन कई राज्यों में उजाला फैला रही है, लेकिन इस परियोजना के कारण स्थानीय लोगों की जिंदगी में अंधेरा है। इस परियोजना से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। इसमें 600 से अधिक परिवार पात्र पाए गए, लेकिन 33 लोगों को ही स्थाई रोजगार दिया। शेष 550 से अधिक लोगों को यह कहा गया कि जब वैकेंसी होगी, तब रोजगार देंगे, लेकिन रोजगार नहीं दिया। अब पांच वर्ष बाद एनएचपीसी ने आउटसोर्स के आधार पर 800 लोगों को रोजगार दिया। ऐसे में अब उन प्रभावित लोगों को कैसे रोजगार मिलेगा, जब वहां आउटसोर्स पर रोजगार मिलेगा। उन्होंने मांग की कि परियोजना से प्रभावित हुए परिवारों के दर्द को समझते हुए उनके साथ न्याय किया जाए। हिन्दुस्थान समाचार/उज्ज्वल-hindusthansamachar.in