पंचवटी योजना से सिराज और नाचन के पर्यटक स्थलों का हुआ कायाकल्प
पंचवटी योजना से सिराज और नाचन के पर्यटक स्थलों का हुआ कायाकल्प
हिमाचल-प्रदेश

पंचवटी योजना से सिराज और नाचन के पर्यटक स्थलों का हुआ कायाकल्प

news

मंडी, 18 अक्टूबर (हि.स.)। ग्रामीण विकास विभाग की योजना पंचवटी के लागू होने से विकास खण्ड गोहर के सिराज और नाचन विधानसभा क्षेत्र के पर्यटक स्थलों का कायाकल्प होने लगा है। मनरेगा कन्वर्जेंस पर आधारित इस योजना से ग्रामीण पर्यटक स्थलों को प्रदेश के पर्यटन मानचित्र पर लाना सम्भव होगा। प्रदेश के आर्थिक विकास में भी इस योजना के दूरगामी परिणाम होंगे। यह बात पंचायती राज निदेशक ललित जैन ने कही है। उन्होंने बताया कि पंचवटी योजना के तहत खूबसूरत प्राकृतिक व सांस्कृतिक स्थलों जनता तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रसिद्ध जालपा माता मन्दिर सरोआ के समीप और नैना माता मंदिर के प्रांगण में ग्राम पंचायत नौण द्वारा, मांगलिक कार्यक्रमों के लिए प्रसिद्ध देव बलाकामेश्वर मंदिर बनयुरी में ग्राम पंचायत बैला द्वार, चतुर्भुजा माता मंदिर के समीप ग्राम पंचायत सेरी द्वारा, प्रसिद्ध पर्यटक स्थल व देव श्री कमरुनाग मंदिर मार्ग पर मंडी रियासत की स्थापना स्थली गढ़ शकरैणी में ग्राम पंचायत शाला द्वारा, लम्बोदरी माता मंदिर के समीप ग्राम पंचायत बाड़ा द्वारा, चमोनी नाला व छोई वाटर फॉल की प्राकृतिक खूबसूरती को लोगों तक पहुंचाने के लिये ग्राम पंचायत कांडा बगस्याड़ द्वारा व देव काला कामेश्वर मंदिर तथा रैनगलु हेलीपेड के नजदीक ग्राम पंचायत शरण द्वारा सुंदर पंचवटियों का निर्माण कार्य करवाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस कड़ी में सिराज विधानसभा क्षेत्र से प्रदेश की मॉडल पंचायत ग्राम पंचायत मुरहाग में माता बगलामुखी के समीप में देश का पहला मनरेगा पार्क बनाकर पूरे देश के समक्ष एक जबरदस्त मॉडल पेश किया है। वहीं, नाचन विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत जहल ने माता मुंडासन मंदिर देवीदड़ के समीप दूरदर्शिता पूर्ण तरीके से कार्य कर शानदार पार्क तैयार कर दिया है। उपायुक्त मंडी ऋग्वेद ठाकुर ने बताया कि जिला में पंचवटियों के विकास के लिए निरन्तर प्रयास किए जा रहे हैं ताकि जिला के अनछूए क्षेत्रों की ओर पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके। खण्ड विकास अधिकारी गोहर निशांत ने बताया कि इन सभी पंचवटियों की विशेषता यह है कि सुन्दर पार्क तैयार होने के बाद स्थानीय लोगों को सामूहिक कार्यक्रमाें के लिए उपलब्ध करवाया जायेगा। इसके अतिरिक्त महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए भी भवन बनाये जा रहे हैं ताकि स्थानीय महिलाओं व बेरोजगार युवकों के लिए रोजगार के साधन सृजित हों। इसके अतिरिक्त इन पार्कों में पौधारोपण व जल संरक्षण के कार्य भी किये जा रहे हैं, जिससे ये पर्यावरण संरक्षण का मॉडल बन रहे हैं। हिन्दुस्थान समाचार/सुनील-hindusthansamachar.in