निराश्रित पशुधन को उपयोगी बनाने के लिए जिला प्रशासन की पहल
निराश्रित पशुधन को उपयोगी बनाने के लिए जिला प्रशासन की पहल
हिमाचल-प्रदेश

निराश्रित पशुधन को उपयोगी बनाने के लिए जिला प्रशासन की पहल

news

नाहन में गोबर से बनाये जा रहे पांच उत्पाद भविष्य में पंच गव्य भी बनाने की है योजना नाहन,14 अक्टूबर (हि.स.)। पशुधन जबतक उपयोगी रहता है तब तक उसका पालन किया जाता है लेकिन जैसे ही वो उपयोग नहीं रहता, उसे सड़कों पर छोड़ दिया जाता है। ऐसे में जिला प्रशासन ने निराश्रित पशुधन को उपयोगी बनाने और उनसे आय बढ़ाने को लेकर प्रयास शुरू कर दिया है। प्रशासन की पहल पर माता बाला सुंदरी गौसदन में पशुपालन विभाग के सहयोग से गाय के गोबर से अनेक उत्पाद तैयार किये जा रहे हैं और उन्हें बाजार में भी बेचा जा रहा है ताकि पालक व्यवसायिक लाभ कमा सकें और गौसदन आत्मनिर्भर बन सकें। इस संबंध में उपायुक्त डॉ. आरके परुथी ने बताया कि सुंदरी गोसदन में पर इस समय पांच उत्पाद गाय गोबर से बनाये जा रहे हैं। जैसे गोबर लॉग्स जोकि शमशान घाट में भी प्रयुक्त होंगे, गोबर से गमले बनाये जा रहे हैं जिन्हें हिम ईरा शॉप में बेचा जा रहा है। इसके अलावा गोबर के दीपक, गौ मूत्र से गौअर्क, गोबर की खाद आदि यहां बनाये जा रहे हैं। इसका उद्देश्य है कि लोग पशुधन का महत्व समझें। परुथी ने बताया कि जल्द ही एक और उत्पाद गौ पंच गव्य तैयार कराने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। उपायुक्त ने बताया कि जिले में 12 गौ सदन हैं और अब सभी गौ सदन में इस तरह के उत्पाद बनाने शुरू किया जायेंगे। इससे गौ सदन आत्मनिर्भर बनेंगे और निराश्रित पशुओं की समस्या भी हल होगी। हिन्दुस्थान समाचार /जितेंदर-hindusthansamachar.in