निजी स्कूलों के संचालन के लिए विधानसभा के इसी सत्र में विधेयक लाए सरकार: छात्र अभिभावक मंच
निजी स्कूलों के संचालन के लिए विधानसभा के इसी सत्र में विधेयक लाए सरकार: छात्र अभिभावक मंच
हिमाचल-प्रदेश

निजी स्कूलों के संचालन के लिए विधानसभा के इसी सत्र में विधेयक लाए सरकार: छात्र अभिभावक मंच

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शिमला,13 सितम्बर (हि.स.)। छात्र अभिवावक मंच ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि निजी स्कूलों में फीस, पाठ्यक्रम व विषयवस्तु को संचालित करने के लिए विधानसभा के इसी सत्र में कानून पारित किया जाये। मंच ने निजी स्कूलों की मनमानी भारी फीस और उसमें वृद्धि पर रोक लगाने, टयूशन फीस कुल फीस का पचास प्रतिशत से अधिक न होने की मांग को लेकर आंदोलन को तेज करने का निर्णय लिया है। मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा ने हैरानी जताई है कि प्रदेश सरकार निजी स्कूलों की मनमानी व भारी लूट के बावजूद उन पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। शिक्षा विभाग ने प्रदेश सरकार को निजी स्कूलों की मनमानी व लूट को रोकने के लिए लगभग एक वर्ष पूर्व कानून का प्रस्ताव सौंप था, परन्तु प्रदेश सरकार ने जानबूझ कर इस प्रस्ताव को अब तक विधानसभा में प्रस्तुत नहीं किया है। उन्होंने कहा है कि अगर वाकई में प्रदेश सरकार निजी स्कूलों के छह लाख छात्रों व नौ लाख अभिभावकों के प्रति गम्भीर है तो फिर इसी विधानसभा सत्र में इस प्रस्ताव को पेश करे और निजी स्कूलों के संचालन के लिए कानून पारित करे। सन 1997 के कानून व वर्ष 2003 के नियमों में निजी स्कूलों को संचालित करने का कोई प्रावधान नहीं है। इसलिए शीघ्र ही यह कानून बनना बेहद आवश्यक है। उन्होंने निजी स्कूलों के संचालन के लिए उच्च शिक्षा की तर्ज़ पर रेगुलेटरी कमीशन बनाने की मांग की है। उन्होंने निजी स्कूलों की लूट रोकने के लिए राज्य सलाहकार परिषद का गठन करने की मांग की है। उन्होंने कोरोना काल में प्रदेश सरकार से केवल टयूशन फीस वसूली के आदेश को लागू करने व सभी तरह के चार्जेज पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने कहस कि सभी स्कूल अपनी फीस बुकलेट जारी करें। उन्होंने मांग की है कि सभी स्कूलों की मदवार फीस का ब्यौरा सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने निजी स्कूलों के प्रबंधन की तानाशाही व भारी लूट पर रोक लगाने का भी आग्रह किया है। हिन्दुस्थान समाचार/उज्ज्वल-hindusthansamachar.in