डीजल की कीमतों को बस किराए से जोडने की तैयारी
डीजल की कीमतों को बस किराए से जोडने की तैयारी
हिमाचल-प्रदेश

डीजल की कीमतों को बस किराए से जोडने की तैयारी

news

शिमला, 24 जुलाई (हि. स.)। हिमाचल में बस भाड़े की दरों को डीजल की कीमत के साथ जोडऩे की कवायद शुरू हो गई है। सरकार द्वारा इस कवायद को अमलीजामा पहनाने की स्थिति में डीजल की कीमतों में कटौती अथवा वृद्धि के अनुपात में बस भाड़े की दरों में कटौती अथवा इजाफा होगा। परिवहन विभाग इसके लिए सॉफ्टवेयर तैयार कर रहा है। परिवहन मंत्री गोबिंद सिंह ठाकुर ने शुक्रवार को पत्रकार वार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 2800 के करीब रूटों पर परिवहन निगम की बसें चलती हैं। इनमें से 1400 रूटों पर सालाना घाटा करीब 85 करोड़ का है। प्रदेश में परिवहन सेक्टर से सीधे सीधे 2.76 लाख ऑपरेटर जुड़े हैं। जाहिर है कि करीब 12 से 14 लाख लोगों की रोजी रोटी इस सेक्टर पर निर्भर है। परिवहन सेक्टर को हुए नुकसान के मद्देनजर इन लोगों की रोजी रोटी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने किराया बढ़ाने का फैसला लिया। मगर विपक्ष इस पर राजनीति कर रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना संकट काल में प्रत्येक वर्ग को सरकार ने राहत दी है। बावजूद इसके विपक्ष राजनीति कर रहा है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि किराए की दरों को रोल बैक नहीं किया जाएगा। परिवहन मंत्री ने कहा कि सर्विस सेक्टर में परिवहन निगम का करीब छह हजार करोड़ का योगदान है। प्रदेश में बामुश्किल परिवहन निगम की बसों में 30 फीसद तक ऑक्यपेंसी हुई है। निगम के करीब 15 हजार कर्मचारी व सात हजार के आसपास पेंशन भोगी हैं। निगम का प्रतिमाह वेतन का खर्च करीब 40 करोड़ तथा पेंशन के भुगतान का खर्च 12 करोड़ से अधिक है। हिन्दुस्थान समाचार/सुनील-hindusthansamachar.in