कांगड़ा में श्रद्धालुओं के लिए खुले मंदिरों व धार्मिक स्थलों के कपाट, शुरू हुई पूजा-अर्चना
कांगड़ा में श्रद्धालुओं के लिए खुले मंदिरों व धार्मिक स्थलों के कपाट, शुरू हुई पूजा-अर्चना
हिमाचल-प्रदेश

कांगड़ा में श्रद्धालुओं के लिए खुले मंदिरों व धार्मिक स्थलों के कपाट, शुरू हुई पूजा-अर्चना

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धर्मशाला, 10 सितम्बर (हि.स.)। कोरोना काल के बीच पिछले करीब छह माह से बंद पड़े मंदिरों के कपाट वीरवार सुबह से श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। कांगड़ा जिला में भी मंदिरों के खुलने के साथ ही श्रद्धालुओं को कोरोना मापदंडों और सरकार के दिशा-निर्देशों के साथ दर्शनों की व्यवस्था की गई है। जिला के मुख्य शक्तिपीठों मां ज्वालामुखी, मां बज्रेश्वरी और मां चामुंडा मंदिरों में विधिवत पूजा अर्चन के साथ वीरवार सुबह से श्रद्धालु भी दर्शनों के लिए पंहुच रहे हैं। हालांकि इस दौरान जिला व मंदिर प्रशासन द्वारा केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी की गई एसओपी का सख्ती से पालन किया जा रहा है। मां बज्रेश्वरी मंदिर में एसडीएम कांगड़ा अभिषेक वर्मा ने सुबह मंदिर पंहुचकर शीश नवाया तथा उसके बाद श्रद्धालुओं के लिए दर्शनों की अनुमति दी गई। वहीं मां चामुंडा मंदिर में एसडीएम धर्मशाला डा. हरीश गज्जू ने भी पूजा अर्चना की तथा कुछ देर पूर्व मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई। करीब छह माह बाद खुले मंदिरों में पूजा अर्चना के लिए पंहुचे श्रद्धालु खासे उत्साहित हैं। लोग मंदिरों में पंहुचकर जहां अपने परिवार की सुखसमृद्धि कत्री कामना कर रहे हैं, वहीं कोरोना महामारी के जल्द नियंत्रित होने की भी मन्नत मांग रहे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि इतने लंबे समय तक कभी भी मंदिर बंद नही रहे। ऐसे में अब दोबारा से मंदिरों के खुलने से जहां रौनक लौट आई है वहीं मंदिरों के आस-पास प्रशाद सहित पूजा की अन्य सामग्री बेचने वालों का रोजगार भी एक बार फिर शुरू होने जा रहा है। कोरोना महामारी के कारण बंद रहे मंदिरों के कारण मंदिरों के बाहर छोटे स्तर पर कारोबार करने वाले लोगों को अपनी आजीविका को लेकर संकट छा गया था। एसडीएम धर्मशाला डा. हरीश गज्जू ने बताया कि मंदिरों के खुलने के साथ ही केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी की गई एसओपी के तहत ही श्रद्धालुओं को मंदिरों व धार्मिक स्थलों पर प्रवेश की अनुमति दी गई है। कोरोना महामारी के चलते किसी तरह से कोई संक्रमण न फैले इसके लिए लोगों को मास्क लगाना तथा सामाजिक दूरी सहित अन्य दिशा निर्देशों का पालन करना होगा। वहीं जिला व मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हर तरह की तैयारी की है। मुख्य द्वारों पर ही सैनेटाइजर सहित अन्य व्यवस्थाओं का प्रबंध किया है तथा उसके बाद सामाजिक दूरी के साथ मंदिरों में दर्शन करवाए जा रहे हैं। गौर हो कि कोरोना महामारी के कारण लगाए गए लॉकडाउन के चलते बीते 16 मार्च से हिमाचल के मंदिरों और धार्मिक स्थलों को श्रद्धालुओं के लिए केंद्र के दिशा-निर्देशों के चलते बंद कर दिया गया था। हिन्दुस्थान समाचार/सतेंद्र/सुनील-hindusthansamachar.in