कंडक्टर भर्ती प्रश्न पत्र लीक मामले में जांच के आदेश
कंडक्टर भर्ती प्रश्न पत्र लीक मामले में जांच के आदेश
हिमाचल-प्रदेश

कंडक्टर भर्ती प्रश्न पत्र लीक मामले में जांच के आदेश

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शिमला, 18 अक्टूबर (हि. स.)। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने हिमाचल पथ परिवहन निगम में कंडक्टरों की भर्ती के लिए रविवार को आयोजित परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक होने के मामले में कड़ा संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा उसे बख़्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि लिखित परीक्षाएं पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से आयोजित की जाएं ताकि भविष्य में इस तरह की कोई घटना घटित न हो। वहीं परिचालक भर्ती परीक्षा सवालों के घेरे में आ गई है। परीक्षा में एक अभ्यर्थी की गलती का खामियाजा सैंकड़ों अन्यों को भुगतना पड़ सकता है। रविवार को आयोजित परिचालक भर्ती परीक्षा में शिमला के एक परीक्षा केंद्र में अभ्यर्थी मोबाइल लेकर परीक्षा हॉल में प्रवेश कर गया। अभ्यर्थी ने मोबाइल से प्रश्न पत्र का फोटो लेकर इसे बाहर बैठे अपने किसी साथी के मोबाइल पर भेजा, बस इसके बाद प्रश्न पत्र वायरल होने से हडक़ंप मच गया। बेशक इसे पेपर लीक होने का मामला नहीं माना जा रहा है, बावजूद इसके कांग्रेस ने इस पूरे प्रकरण में सरकार पर निशाना साधते हुए कंडक्टर भर्ती परीक्षा को रद्द करने व मामले की जांच की की मांग की है। रविवार को प्रदेश में कंडक्टर भर्ती परीक्षा थी। परिवहन निगम में 568 परिचालकों की भर्ती के लिए आयोजित यह परीक्षा 304 परीक्षा केंद्रों में आयोजित की गई। हजारों बेरोजगार युवा परीक्षा में शामिल हुए। परीक्षा रविवार को प्रात: 10 से 12 बजे तक आयोजित की गई। मिली जानकारी के मुताबिक शिमला के एक परीक्षा केंद्र में एक अभ्यर्थी ने परीक्षा प्रारंभ होने के कुछ देर बाद पेपर का फोटो खींच कर किसी को मोबाइल पर भेजा। इस दौरान परीक्षा हॉल में ड्यूटी पर तैनात इनविजलेटर की निगाह अभ्यर्थी पर पड़ी , वह खाली बैठा हुआ था। माना जा रहा है कि वह प्रश्नों के उत्तर की प्रतीक्षा में था। बताया जा रहा है कि परीक्षा में सीरीज बी का पेज संख्या 19 को मोबाइल पर लीक करने का प्रयास किया गया अथवा इसकी नकल मारने की कोशिश की गई। इस दौरान मामला उजागर होने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। स्वयं शिमला के पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे थे। लिहाजा अभ्यर्थी पर नजर रखी जाने लगी। मगर सवाल यह खड़ा हो रहा है कि राज्य कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से आयोजित करवाई जा रही परीक्षा में अभ्यर्थी मोबाइल लेकर परीक्षा हॉल तक कैसे पहुंचा। कायदे के मुताबिक परीक्षा हॉल में मोबाइल ले कर जाने पर पाबंदी है। क्या अभ्यर्थी की परीक्षा हॉल में जाते वक्त जांच नहीं की गई। सूत्र बताते हैं कि पुलिस ने इस सिलसिले में अभ्यर्थी का मोबाइल व उत्तर पुस्तिका व अन्य रिकार्ड कब्जे में ले लिया है। साथ ही माल प्रैक्टिस एक्ट व आईपीसी की धारा 420 के तहत मामला दर्ज किया गया है। मोबाइल से प्रश्न पत्र की फोटो खींच कर बाहर भेजने वाला अभ्यर्थी शिमला जिला का बताया जा रहा है। शिमला के पुलिस अधीक्षक मोहित चावला ने संपर्क करने पर इस मामले में एफआईआर दर्ज करने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच हो रही है। हिन्दुस्थान समाचार/सुनील-hindusthansamachar.in