आईआईटी मंडी के 8वें दीक्षांत समारोह का वर्चुअल आयोजन, 383 विद्यार्थियों को मिली डिग्री
आईआईटी मंडी के 8वें दीक्षांत समारोह का वर्चुअल आयोजन, 383 विद्यार्थियों को मिली डिग्री
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आईआईटी मंडी के 8वें दीक्षांत समारोह का वर्चुअल आयोजन, 383 विद्यार्थियों को मिली डिग्री

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मंडी, 13 दिसम्बर (हि. स.)। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मंडी के शनिवार को हुए दीक्षांत समारोह में 383 विद्यार्थियों जिनमें 321 छात्रा एवं 62 छात्राओं को डिग्री प्रदान की गई। पद्म विभूषण डॉ. आर.ए. माशेलकर आयोजन के मुख्य अतिथि थे। दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता आईआईटी मंडी के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष प्रो. प्रेमव्रत ने की। यह दीक्षांत समारोह वर्चुअची आयोजित किया गया। आईआईटी मंडी के 8वें दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए डॉ. आर.ए. माशेलकर ने कहा कि आप सभी सौभाग्यशाली हैं कि आईआईटी मंडी ने आपको तमाम कौशल और साधन संपन्न बनाया है ताकि आप आने वाली चुनौतियों का पूरेआत्मविश्वास से सामना करें। अभूतपूर्व महामारी से बचते और उबरते हुए हमारे सामने नई सोच, नई कल्पना और खुद को रीन्वेंट करने का भी अवसर है ताकि हम हमारे सपनों का आत्मनिर्भर भारत बना सकें। इस अवसर पर आईआईटी मंडी के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष प्रेमव्रत ने कहा कि आईआईटी मंडी के इस 8वें दीक्षांत समारोह में ग्रैजुएट हुए विद्यार्थियों को बधाई देते हुए मुझे अपार हर्ष हो रहा है। वहीं प्रो. अजीत के. चतुर्वेदी, आईआईटी मंडी ने कहा कि इस साल महामारी की तमाम बाधाओं के बावजूद आईआईटी मंडी के शोधकर्ताओं ने निरंतर शोध कार्य करते हुए 300 पीयर-रिव्यूड प्रकाशन किए। आईआईटी मंडी शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के इनोवेशन सेल द्वारा संस्थानों की इनोवेशन उपलब्धियों की अटल रैंकिंग में भी 7वें स्थान पर रहा। इस साल वेलेडिक्शन के मैकेनिकल इंजीनियरिंग के नीलोत्पल दत्त, भारत के राष्ट्रपति के स्वर्ण पदक और संस्थान के रजत पदक विजेता ने कहा कि आईआईटी मंडी कई खास खूबियों का अनोखा मेल है। उन्होंने कहा कि संस्थान का अनोखा शैक्षिक पाठ्यक्रम है जो पारंपरिक सीमाओं के परे भी कोर्स और प्रोजेक्ट चुनने की आजादी देता है। हिन्दुस्थान समाचार/मुरारी/सुनील-hindusthansamachar.in