अभिभावकों को डराने की बजाए समझाने का काम करे सरकार: कांग्रेस
अभिभावकों को डराने की बजाए समझाने का काम करे सरकार: कांग्रेस
हिमाचल-प्रदेश

अभिभावकों को डराने की बजाए समझाने का काम करे सरकार: कांग्रेस

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पूर्व मंत्री ने स्कूलों में छात्रों को भेजने के अभिभावकों से शपथपत्र मांगने पर उठाए सवाल धर्मशाला,18 अक्टूबर (हि. स.)। पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव सुधीर शर्मा ने सरकार पर आरोप लगाया कि स्कूलों को खोलने को लेकर प्रदेश सरकार हड़बड़ी दिखाकर संक्रमण को बढ़ावा देने को न्यौता दे रही है। रविवार को एक बयान में शर्मा ने कहा कि पिछले छह महीनें तक केंद्र सरकार शैक्षणिक संस्थानों को खोलने के लिए अपने निर्णयों को लागू करती रही लेकिन राज्य सरकार की अपनी नाकामियों की बजह से कोरोना हर जगह फैल गया। उन्होंने कहा कि बाद में केंद्र ने राज्यों को शैक्षणिक संस्थान खोलने के लिए अधिकृत कर खुद अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लिया। हैरानी तो इस बात की है कि प्रदेश सरकार व शिक्षा विभाग ने स्कूलों को खोलने के लिए अभिभावकों को अपने जोखिम पर बच्चों को स्कूल भेजने के फरमान जारी कर दिया। मतलब यदि कोई बच्चा संक्रमित होता है तो उसके लिए सरकार नहीं, अभिभावक जिम्मेदार होंगे। उन्होंने कहा कि एक तरफ केंद्र व राज्य सरकार कह रही हैं कि त्योहारों पर संक्रमण पीक पर पहुंचेगा लेकिन वहीं, दूसरी ओर त्योहारों के दिनों में स्कूल खोले जा रहे हैं। यह ठीक है कि बच्चों की बोर्ड कक्षाओं के लिए स्कूल खुलना जरूरी है लेकिन क्या इतनी जल्दबाज़ी में खुलने चाहिए, जब सरकार खुद ही इन दिनों में संक्रमण बढ़ने की आशंका व्यक्त कर रही है। कांग्रेस नेता शर्मा ने कहा कि कालेज अभी नवम्बर तक नहीं खुल रहे और स्कूलों को अभी खोल दिया गया है, यह दूरदर्शिता नहीं अदूरदर्शिता है। उन्होंने कहा कि सरकार व विभाग को चाहिए कि दीपावली तक स्कूल न खोलने पर विचार करे और अभिभावकों से शपथ-पत्र लेने की बजाए उन्हें आश्वासन दिया जाए कि बच्चों के बचाव के लिए विभाग व सरकार हरसंभव कार्य करेगी। इस वक्त उन्हें डराने की बजाए समझाने पर सरकार का ध्यान होना चाहिए। हिन्दुस्थान समाचार/सुनील-hindusthansamachar.in