गुरुग्राम: बारिश का पानी संचयन करने में रहे असमर्थ

गुरुग्राम: बारिश का पानी संचयन करने में रहे असमर्थ
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गुरुग्राम, 21 जुलाई (हि.स.)। जल स्तर गहरा जाने की बात तो अधिकारी खूब करते हैं। जनता को जागरुक करते हैं, लेकिन जब जल स्तर बढ़ाने की बात आती है तो कहीं न कहीं सरकारी विभाग फेल नजर आते हैं। ऐसा ही हुआ है इस बार मॉनसून की दूसरी भारी बरसात में। सड़कों, गलियों में बहता पानी नालों में जाकर बर्बाद हो गया, लेकिन उसके संचयन के ठोस इंतजाम कहीं नजर नहीं आए।

बरसाती पानी के संचयन को बात करें वाटर हार्वेस्टिंग की तो बरसात से पहले इस पर जिला प्रशासन ने लोगों को चेताया था। साथ ही संबंधित विभाग को भी इस पर विशेष नजर रखने की बात कही। इसके बावजूद भी वाटर हार्वेस्टिंग की स्थिति खराब हालत में ही है। कहीं पर ये सिस्टम जमीन से काफी ऊंचे पड़ रहे हैं, इसलिए उनमें पानी नहीं जा पाता। कहीं पर ये चॉक हुए पड़े हैं, इसलिए उनमें पानी नहीं जा रहा। सीधे तौर पर अधिकारी भी इसके लिए जिम्मेदार हैं। क्योंकि बरसात पूर्व इन वाटर हार्वेस्टिंग की स्थिति को गंभीरता से नहीं जांचा गया। एक तरह से खानापूॢत ही कर ली गई।

यहां गुरूजल प्रोजेक्ट के संपर्क अधिकारी ओशो कालिया के मुताबिक रेन वाटर हार्वेस्टिंग बनाने को केंद्र सरकार के भी निर्देश हैं। गुरूजल के माध्यम से लोगों को इसके प्रति जागरुक भी किया जाता है। हार्वेस्टिंग सिस्टम से संबंधित अब तक 50 से अधिक शिकायतों का समाधान किया जा चुका है। वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को लेकर इनफोर्समेंट टीम भी तैयार की गई है। डीटीपी आरएस बाठ इंचार्ज हैं। यहां 44 सोसायटियों में हार्वेस्टिंग सिस्टम की जांच की गई थी, जिनमें से 4 सोसायटियों में कुछ कमी मिली। उन्हें दूर कर दिया गया।

गुरूजल प्रोजेक्ट में कार्यरत तकनीकी हेड सचिन कुमार जल संचयन की बारीकी से जानकारी देते हुए बताते हैं कि एक साल में बरसात का 100 स्क्वेयर मीटर क्षेत्रफल में 42 किलो लीटर पानी एकत्रित होता है। वर्ष 2020 में मॉनसून की बात करें तो उस समय 500 एमएम से अधिक बारिश हुई। साल में 500 से लेकर 520 एमएम तक बारिश होती है। उन्होंने आमजन से अपील की है कि बरसात का पानी का संचयन जरूर करें। यह हमारे वर्तमान और भविष्य के लिए बहुत जरूरी है। वे बताते हैं कि जगह के हिसाब से ही पानी का संचयन किया जाता है। पानी कितनी मात्र में इस बार बरसात में संचयित किया गया, यह भी जगह पर ही निर्भर है।

हिन्दुस्थान समाचार/ईश्वर/संजीव