सरकार का बड़ा ऐलान, अब सरकारी अस्पतालों से बनवाए जा सकेंगे "मां-अमृतम वात्सल्य" कार्ड

सरकार का बड़ा ऐलान, अब सरकारी अस्पतालों से बनवाए जा सकेंगे "मां-अमृतम वात्सल्य" कार्ड
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पूरे परिवार के लिए अब एक कार्ड की जगह सभी सदस्यों को मिलेगा अलग कार्ड गांधीनगर/अहमदाबाद, 09 जून (हि.स.)। कोरोना काल में मरीजों को मां अमृतम वात्सल्य योजना के जरिए सस्ता इलाज मिल रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण और कमजोर आर्थिक स्थिति को देखते हुए सरकार ने मां वात्सल्य कार्ड की अवधि को 31 जुलाई तक बढ़ाने का फैसला किया है। साथ ही सरकार ने अब सरकारी अस्पतालों में ही नए मां अमृतम वात्सल्य कार्ड बनाने का ऐलान किया है। बुधवार को उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री नितिन पटेल ने कहा कि राज्य सरकार आपात स्थिति और गंभीर बीमारियों के मामले में राज्य के नागरिकों को त्वरित उपचार प्रदान करने के लिए “मां-अमृतम वात्सल्य” योजना लागू किया है। उन्होंने कहा कि अब लोग सरकारी अस्पताल में "मां-अमृतम वात्सल्य" का कार्ड बनवा सकते हैं। अब पूरे परिवार के लिए अब एक कार्ड की जगह अलग-अलग कार्ड दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार "आयुष्मान भारत- प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना", "माँ" योजना और "माँ वात्सल्य" योजना के तहत निश्चित मानदंड वाले परिवारों को प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का मुफ्त स्वास्थ्य कवर प्रदान करती है। मां वात्सल्य कार्ड वाले लाभार्थी योजना के तहत संबद्ध किसी भी सरकारी/ट्रस्ट संचालित और निजी अस्पतालों में इलाज करा सकते हैं। भारत सरकार के प्रावधानों के अनुसार, राज्य भर में "माँ-अमृतम" और "माँ-अमृतम वात्सल्य" योजनाओं के लाभार्थियों को पहले प्रति परिवार एक कार्ड दिया जाता था। इसके बजाय, प्रत्येक लाभार्थी को अब एक व्यक्तिगत पहचान पत्र दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्य के सरकारी अस्पतालों, सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में नए कार्ड जारी किए गए हैं। सभी लाभार्थी इन अस्पतालों से नए कार्ड प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि "माँ" योजना के प्रत्येक लाभार्थी से अब तत्काल नया कार्ड प्राप्त करने का अनुरोध किया गया है ताकि वह आवश्यकता के अनुसार पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज करवा सके। हिन्दुस्थान समाचार/हर्ष शाह