गुजरात हाई कोर्ट में सरकार ने हलफनामा दायर कर कोरोना से बचाव के प्रयासों की दी जानकारी

गुजरात हाई कोर्ट में सरकार ने हलफनामा दायर कर कोरोना से बचाव के प्रयासों की दी जानकारी
government-filed-an-affidavit-in-the-gujarat-high-court-and-informed-about-the-efforts-to-rescue-corona

अहमदाबाद, 04 मई (हि.स.)। कोरोना संकट को लेकर गुजरात हाई कोर्ट में आज फिर सुनवाई हुई। हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को कोरोना से निपटने के लिए कड़े कदम उठाने का निर्देश दिया है। सरकार ने भी कोर्ट में हलफनामा दायर कर कोरोना की रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी है। हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता पर्सी कविना ने कोरोना परीक्षण की कमी और धीमी गति का का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कुछ शहरों में संसाधनों की कमी है। कोरोना की रोकथाम के लिए कई समस्याएं हैं। इनमें कोरोना परीक्षण रिपोर्ट का देर से आना और जिले के कई गांवों में परीक्षण व्यवस्था न होना शामिल है। उन्होंने बताया कि सुरेंद्रनगर, छोटापुर, तापी नर्मदा, पंचमहल और बनासकांठा में भी कोरोना परीक्षण सुविधाओं का अभाव है। यहां तक कि धन्वंतरि रथ भी लोगों तक नहीं पहुंच पाया है। छोटे शहरों और गांवों में स्थिति विकट है, सुविधाओं और उपचार की कमी है। अधिवक्ता कविना ने बताया कि डीआरडीओ अस्पताल में सभी 600 बेड की सुविधा अभी शुरू नहीं हो सकी हैं। अस्पताल में गंदगी है। कोर्ट में अधिवक्ता शालीन मेहता ने बताया कि अभी भी कई अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी है। हाई कोर्ट में एक हलफनामा दायर कर सरकार ने दावा किया है कि केंद्र राज्य को 1190 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आवश्यकता के मुकाबले 975 मीट्रिक टन ऑक्सीजन उपलब्ध करा रहा है। अहमदाबाद जिले को रेमडेसिविर की खुराक में कुल मात्रा का 25.44 प्रतिशत दिया जाता है। राज्य स्तर पर सरकार ने ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए एक नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया है। कोर्ट को बताया कि 01 मई तक राज्य में कोरोना के लिए 1,03,033 बेड उपलब्ध हो गए हैं जों अभी तक 50,000 थे। हिन्दुस्थान समाचार/हर्ष शाह