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दिल्ली

तिहाड़ जेल में विचाराधीन कैदी की संदिग्ध हालत में मौत

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नई दिल्ली, 17 फरवरी (हि.स.)। तिहाड़ जेल में एक विचाराधीन कैदी की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। दिल्ली के अशोक विहार इलाके में आपसी झगड़े में हुई हत्या के मामले में उसे गिरफ्तार किया गया था। मृत कैदी के परिवार वालों ने जेल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। जेल प्रशासन का कहना है कि झगड़े के दौरान कैदी की जांघ में चाकू लगा था और उसका जेल अस्पताल में इलाज हो रहा था। मंगलवार सुबह अचानक तबियत खराब होने पर उसे दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन बुधवार की सुबह उसकी मृत्यु हो गई। गौरतलब है कि बीते 11 फरवरी को अशोक विहार के वजीरपुर रेलवे लाइन पर आपसी रंजिश में दो पक्षों के बीच हाथापाई हुई थी, जिसमें चाकू लगने से दोनों पक्षों से कुल तीन लोग घायल हो गए थे। उनकी पहचान महेंद्र, सुदामा और दूसरे पक्ष के रवि के रूप में हुई थी। इलाज के दौरान महेंद्र की पहले ही मौत हो गयी। इस मामले में अशोक विहार थाना पुलिस ने 12 फरवरी को रवि की गिरफ्तारी की थी और उसे जेल भेज दिया था। वहीं जांघ में चाकू लगे होने की वजह से उसे जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तिहाड़ जेल के डीजी संदीप गोयल के अनुसार, सोमवार को तबियत बिगड़ने के बाद उसे दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां प्राथमिक इलाज के बाद उसे छुट्टी दे गयी थी। उसके बाद भी वह जेल के अस्पताल में भर्ती था। मंगलवार सुबह वह अपने विस्तर पर अचेत मिला। उसे तत्काल दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृत रवि के पिता इंद्रजीत ने जेल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जब वह जेल गया था तो वह पूरी तरह ठीक था। लेकिन अब उसके शरीर में कई जगहों पर चाकू के जख्म हैं। हम चाहते हैं कि रवि की मौत की न्यायिक जांच हो। क्या था मामला महेंद्र अपने भाई सूरज, राकेश और भांजा सुदामा के साथ वजीरपुर औद्योगिक क्षेत्र की झुग्गियों में रहता था। उनके भाई सूरज ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि 11 फरवरी की रात करीब सवा आठ बजे इलाके के रवि, नीरज, राहुल, सूरज रेलवे लाइन के पास उसके भाई राकेश की पिटाई कर रहे थे। ऐसे में उन्हें बचाने के लिए जब वह अपने बड़े भाई महेंद्र, भांजा सुदामा के साथ गया तो आरोपियों ने उन लोगों पर भी चाकू और डंडे से हमला कर दिया। हमलावरों ने महेंद्र के पेट में चाकू घोंप दिया, जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया। उसे घायल अवस्था में पहले दीपचंद बंधु और फिर एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां रविवार को उनकी मौत हो गई। हमले में सुदामा भी चाकू लगने से घायल हो गया था। वहीं दूसरे पक्ष की ओर से महेंद्र और उनके भाईयों पर चाकू, डंडे से हमला कर घायल कर देने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। हिन्दुस्थान समाचार/अश्वनी-hindusthansamachar.in

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