दिल्ली में सरप्लस ऑक्सीजन, बचा हुआ ऑक्सीजन हम दूसरे राज्यों को देने के लिए तैयार : मनीष सिसोदिया

दिल्ली में सरप्लस ऑक्सीजन, बचा हुआ ऑक्सीजन हम दूसरे राज्यों को देने के लिए तैयार : मनीष सिसोदिया
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नई दिल्ली ,13 मई( हि. स.)।दिल्ली में पॉजिटिविटी दर घटकर 14 प्रतिशत हो गई है। कोरोना के नए मामले घटकर 10,400 हो गए हैं। मामले कम होने से अस्पतालों में बेड भी खाली हुए हैं। पहले हमें हर रोज 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत थी लेकिन अब दिल्ली में ऑक्सीजन की जरूरत सिर्फ 582 मीट्रिक टन रह गई है। हम एक जिम्मेदार सरकार होने के नाते अपने हिस्से का ऑक्सीजन दूसरे जरूरतमंद राज्यों को देने के लिए तैयार हैं। ये बाते दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने गुरुवार को अपने एक वक्तव्य में कही। दिल्ली सरकार के आंकड़ों को अगर सच मान लिया जाए तो राष्ट्रीय राजधानी देश में लॉकडाउन का पॉजिटिव असर दिखाई दे रहा है। कोरोना संक्रमण फैलने की रफ्तार पहले की तुलना में कम हुई है। अस्पतालों में ऑक्सीजन बेड की कमी नहीं है। यहां तक कि दिल्ली सरकार ने केंद्र को दिल्ली के कोटा से अतिरिक्त ऑक्सीजन दूसरे राज्यों को देने के लिए कहा है। लेकिन दिल्ली में वैक्सीन की कमी अभी भी है। कोवैक्सीन का भंडार खत्म होने के बाद दिल्ली में करीब 100 टीकाकरण केंद्रों को बंद कर दिया गया है। वहीं इसके पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज ट्वीट कर कहा है कि कोविड के टीकों के लिए राज्यों के, अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक-दूसरे से झगड़ने और प्रतियोगिता करने से भारत की छवि 'खराब' होगी । उन्होंने दिल्ली और कई अन्य राज्यों में टीकों की खुराकों की कमी की पृष्ठभूमि में कहा कि केंद्र को राज्यों की तरफ से टीकों की खरीद करनी चाहिए। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपने ने केंद्र सरकार पर कोरोना की वैक्सीन खरीदने को लेकर नीरस रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि भारतीय राज्यों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक-दूसरे से प्रतियोगिता करने या लड़ने के लिए छोड़ दिया गया है। उत्तर प्रदेश महाराष्ट्र से, महाराष्ट्र ओडिशा से, ओडिशा दिल्ली से लड़ रहा है। भारत कहां है? भारत की कितनी खराब छवि बनती है। भारत को एक देश के तौर पर सभी भारतीय राज्यों की तरफ से टीकों की खरीद करनी चाहिए।' हिन्दुस्थान समाचार / श्वेतांक

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