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दिल्ली

सौतेली मां ने 8 साल के बच्चे को बुरी तरह पीटा, दिल्ली महिला आयोग ने किया रेस्क्यू

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नई दिल्ली, 19 फरवरी (हि.स.)। दिल्ली महिला आयोग ने हरिनगर इलाके से आठ साल के बच्चे को रेस्क्यू करवाया है। जिसे उसकी सौतेली मां लंबे समय से मारपीट कर रही थी। बच्चे के शरीर पर मारपीट के गहरे घाव मिले हैं। जिसके बाद शिकायत मिलने पर आयोग ने बच्चे को उसके घर से रेस्क्यू करवाया है। हरि नगर के इलाके में बच्चा अपनी सौतेली मां के साथ रहता था। पड़ोसियों के अनुसार, काफी लंबे समय से उसकी सौतेली मां उसके साथ मारपीट करती आ रही है, और पूरे इलाके में बच्चे के चीखने और रोने की आवाज सुनाई देती थी। जिसको लेकर पड़ोसियों ने कई बार पुलिस से भी शिकायत की, लेकिन पुलिस ने घर का मामला बताकर कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद पड़ोसियों ने दिल्ली महिला आयोग की हेल्पलाइन नंबर 181 पर कॉल कर हिंसा की सूचना दी। जिसके बाद आयोग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और बच्चे को रेस्क्यू किया। इस दौरान शिकायतकर्ता ने आयोग को बच्चे के चीखने और रोने की वीडियो रिकॉर्डिंग भी दिखाई। जिसमें बच्चा पूरी तरह पिटाई से बचने की गुहार लगा रहा है और चीख चीख कर रो रहा है, लेकिन उसकी मां उसे बेरहमी से पीट रही है। काउंसिलिंग के बाद बच्चे ने बताई आपबीती आयोग की टीम जब मौके पर पहुंची तो पुलिस के साथ बच्चे को रेस्क्यू किया और उसकी सौतेली मां और बच्चे के साथ हरी नगर पुलिस थाने पहुंची। जहां बच्चे की काउंसलिंग की गई। बच्चा बहुत डरा हुआ था। हालांकि काउंसलिंग के बाद बच्चे ने अपनी पूरी आपबीती बताई। बच्चे ने बताया कि उसके साथ रोज उसकी मां मारपीट करती है। कई बार खाना नहीं देती। उसे घर से बाहर निकाल देती है और जब मां घर से बाहर जाती है तो उसे बांधकर जाती है। बच्चे के हाथ, पैर, गर्दन, पीठ, समेत पूरे शरीर पर जख्मों के निशान हैं। बच्चे के हाथ पैर सूजे हुए हैं। वहीं बच्चे को सही से खाना नहीं मिलने के कारण बच्चा कमजोर भी है। बच्चे को रेस्क्यू किए जाने के बाद उसकी मेडिकल जांच कराई गई और बाल कल्याण समिति के समक्ष् पेश किया गया। वहां बच्चे के पिता को बुलवाया गया। बच्चे के पिता ने बताया कि उसने दूसरी शादी की है और लॉकडाउन के बाद से ही वह मुंबई में रह रहा था। उसका बच्चा दिल्ली में उसकी सौतेली मां के साथ रहता था। जिसके बाद पिता ने सीडब्ल्यूसी समिति के समक्ष लिखित आश्वासन देते हुए कहा कि वह बच्चे की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखेगा और बच्चे को बैंगलोर में अपने दादा दादी के पास भेज देगा। जिसके चलते समिति ने बच्चे को उसके पिता को सौंप दिया है। हिन्दुस्थान समाचार/अश्वनी

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