जब्त दवा और ऑक्सीजन मरीजों के लिए होंगे इस्तेमाल

जब्त दवा और ऑक्सीजन मरीजों के लिए होंगे इस्तेमाल
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नई दिल्ली, 30 अप्रैल (हि.स.)। राजधानी दिल्ली में रेमेडेसीवर दवा और ऑक्सीजन की कालाबाजारी कर रहे कई गैंग का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इनसे जब्त की गई दवाइयों और ऑक्सीजन को कानूनी पेचीदगी के चलते मरीजों को लौटाया नहीं जा सकता था। हाईकोर्ट ने इस मामले में महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए इन्हें मरीजों के लिए इस्तेमाल करने के लिए कहा है। हालांकि इसे लेकर सरकार और पुलिस को यह तय करना होगा कि इसे कैसे इस्तेमाल किया जाए। जानकारी के अनुसार, कोरोना संक्रमण के समय में लोगों की जान बचाने में रेमेडेसीवर नामक दवा और ऑक्सिजन की महत्वपूर्ण भूमिका है। इनकी मांग बढ़ने के चलते इसकी कालाबाजारी हो रही है। पुलिस कमिश्नर एसएन श्रीवास्तव के आदेश पर पुलिस ने ऐसे लोगों की धरपकड़ शुरू की। ऐसे लोगों से काफी मात्रा में रेमेडेसीवर दवा और ऑक्सिजन के सिलेंडर जब्त किए गए। लोगों को जान बचाने के लिए इनकी आवश्यकता थी, लेकिन कानूनी पेचीदगी के चलते पुलिस ने इन्हें मालखाने में ही रखा हुआ था। बिना कोर्ट के आदेश के इसे किसी को भी देना संभव नहीं था जिसकी वजह से चाहते हुए भी पुलिस किसी की मदद नहीं कर सकती थी। हाईकोर्ट ने दिया दवा को इस्तेमाल करने का आदेश दिल्ली पुलिस के महासंघ के अध्यक्ष पूर्व एसीपी वेदभूषण ने ‘हिन्दुस्थान समाचा’ से बात-चीत करते हुए बताया कि कानूनी पेचीदगी दूर करना आसान नहीं था, लेकिन लोगों की जान बचाने के लिए हाईकोर्ट ने बेहद महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि जब्त की गई दवा को पुलिस टीम फ्रीज में रखे ताकि यह खराब न हो और इसका इस्तेमाल मरीजों के लिए किया जा सके। ऑक्सीजन के जब्त सिलेंडर को छोड़ा जाए ताकि उसका इस्तेमाल मरीजों को ऑक्सिजन पहुंचाने के लिए किया जा सके। इसके अलावा हाईकोर्ट ने पुलिस को आदेश दिया है कि वह किसी मरीज के परिजन से रेमेडेसीवर जब्त न करे क्योंकि उससे किसी की जान बच सकती है। पूर्व एसीपी वेदभूषण ने बताया कि यह महत्वपूर्ण निर्णय लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सरकार के साथ मिलकर बनानी होगी योजना वहीं सूत्रों की माने तो हाईकोर्ट ने अपने आदेश में इन दवाओं और ऑक्सिजन सिलेंडर को मरीजों के लिए छोड़ने की बात कही है, लेकिन इन्हें किस शख्स या डिपार्टमेंट को दिया जाएगा, यह दिल्ली सरकार को तय करना होगा। सरकार तय करेगी कि इन दवाइयों का इस्तेमाल कहां होगा और ऑक्सिजन के सिलेंडर किस तरह से मरीजों के लिए इस्तेमाल होंगे। सरकार के साथ बैठकर इस पर विचार किया जाएगा और उसमें लिए गए निर्णय के अनुसार आगे काम किया जाएगा। हिन्दुस्थान समाचार/अश्वनी शर्मा