अपराधियों को पकड़ने से ज्यादा लोगों की जान बचाना प्राथमिकता

अपराधियों को पकड़ने से ज्यादा लोगों की जान बचाना प्राथमिकता
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नई दिल्ली, 01 मई (हि.स)। राजधानी में कोरोना संक्रमण के चलते पुलिसकर्मी भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। कई पुलिसकर्मी इसके चलते अपनी जान भी गंवा चुके हैं। ऐसे में अपराधियों को पकड़ने के मामलों में कमी आ रही है। इसका बड़ा कारण पुलिस का दूसरी ड्यूटी की तरफ डाइवर्ट होना है। पुलिस एक तरफ कर्फ्यू का पालन करवा रही है तो, वहीं दूसरी तरफ अस्पताल में ऑक्सीजन पहुंचाने में मदद भी कर रही है। दिल्ली पुलिस महासंघ के अध्यक्ष पूर्व एसीपी वेदभूषण ने ‘हिन्दुस्थान समाचार’ से बात-चीत में बताया पुलिस को प्रशिक्षण के दौरान ही सिखाया जाता है कि उसे जान-माल की रक्षा करनी है। अभी जिस तरीके का माहौल है, उसमें अपराधियों की धरपकड़ से ज्यादा महत्वपूर्ण, लोगों की जान बचाना है। अस्पताल में जब लोग ऑक्सीजन की कमी से मर रहे हैं, ऐसे में पुलिस अस्पताल तक ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडॉर बनवा रही है। खाने का बंदोबस्त भी कर रही पुलिस दिल्ली पुलिस ऑक्सीजन के सिलेंडर भरवाकर अस्पतालों और मरीजों तक पहुंचा रही है, ताकि इसकी कमी के चलते किसी की सांस न रुके। जिन लोगों के पास खाना नहीं है, उनके लिए खाने का बंदोबस्त भी कर रही है। सड़क पर दिन रात कर्फ्यू का पालन करवाया कर रही है। अपराधियों को पकड़ने में नहीं हिचकिचाहट पूर्व एसीपी वेदभूषण ने बताया कि कोरोना संक्रमण के इस दौर में भी अपराधियों को पकड़ने में पुलिस को किसी प्रकार की भी हिचकिचाहट नहीं है। इसका ताजा उदाहरण दवाइयों एवं ऑक्सीजन की कालाबाजारी करने वाले गैंग का पकड़ा जाना है। पुलिस ने बीते एक सप्ताह में ऐसे दर्जन भर से ज्यादा अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी न केवल दिल्ली बल्कि अन्य राज्यों से भी की गई है। पुलिस बरत रही पूरी सावधानी पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अपराधियों की धरपकड़ के दौरान कई बार पुलिसकर्मी संक्रमित हो जाता हैं। इसके बावजूद भी पुलिस कोविड से संबंधित सभी गाइडलाइन्स का पालन करते हुए बदमाशों को पकड़ते हैं। अपराधियों को पकड़ने के दौरान पुलिस ग्लव्स, सेनेटाइजर और मास्क का इस्तेमाल करते है। अपराधी को पकड़ने के बाद उसे भी ग्लव्स एवं मास्क के साथ सेनेटाइज कर रखा जाता है। अभी के समय में जेल परिसर में ही अपराधियों को कोविड गाइडलाइन्स के साथ पेश किया जाता है। जेल में दाखिल होने से पूर्व कैदी का कोविड टेस्ट किया जाता है। अगर वह पॉजिटिव निकलता है तो इसकी जानकारी जांच अधिकारी को दी जाती है, ताकि वह खुद को आइसोलेट कर ले। 40 से ज्यादा पुलिसकर्मी गंवा चुके हैं जान कोरोना संक्रमण की शुरुआत से ही दिल्ली पुलिस के जवान इसकी चपेट में आकर संक्रमित होते रहे हैं। अभी तक करीब 9 हजार पुलिसकर्मी कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। वहीं 40 से ज्यादा पुलिसकर्मी संक्रमण के चलते अपनी जान गंवा चुके हैं। दिल्ली पुलिस के 90 फीसदी से ज्यादा पुलिसकर्मी कोविड वैक्सीन भी ले चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद कोरोना की इस लहर में पुलिसकर्मी लगातार संक्रमित हो रहे हैं। अधिकारियों में भी इसे लेकर चिंता है और वह पुलिसकर्मियों के लिए उचित प्रबंध भी कर रहे हैं। हिन्दुस्थान समाचार/ अश्वनी