कुट्टू के आटे से बने पकवान खाने से छह सौ से ज्यादा लोग बीमार

कुट्टू के आटे से बने पकवान खाने से छह सौ से ज्यादा लोग बीमार
more-than-six-hundred-people-are-ill-after-eating-a-dish-made-of-kuttu-flour

नई दिल्ली, 14 अप्रैल (हि.स.)। राजधानी में पहले नवरात्र पर कुट्टू के आटे से बने पकवान खाने से छह सौ से ज्यादा लोग बीमार पड़ गए। इसमें बुजुर्ग, महिलाएं, गर्भवती, युवाओं के साथ ही बच्चे भी शामिल हैं। लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल के आपातकालीन विभाग में मंगलवार रात दस बजे से ही कुट्टू खाकर बीमार हुए लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। लोगों की संख्या अधिक होने से डाक्टरों के हाथ पांव फूल गए। कल्याणपुरी, त्रिलोकपुरी, खिचड़ीपुर और कोंडली के अधिकतर लोग कुट्टू खाकर बीमार हुए। कुट्टू के खाने से लोगों को पेट व सिर दर्द के साथ उल्टी और शरीर कंपकपाने लगा। बीमार पड़े लोगों ने अलग-अलग किराना दुकानों से खुला आटा खरीदा था। आशंका व्यक्त की जा रही है आटा पुराना या मिलावटी होने की वजह से लोग बीमार पड़े। प्रशासन ने एसडीएम मयूर विहार राजीव त्यागी को जांच का जिम्मा सौंपा है। मंगलवार को पहला नवरात्र था, व्रतधारियों ने कुट्टू से बने पकवान खाए। जिसके बाद कल्याणपुरी, त्रिलोकपुरी, खिचड़ीपुर और कोंडली के लोग कुट्टू के पकवान खाने के करीब एक से दो घंटे बाद ही बीमार पड़ने शुरू हो गए थे। उन्हें उल्टी होने के साथ सिर व पेट दर्द होने लगा। किसी किसी का पूरा परिवार इसे खाने से बीमार हो गया। मंगलवार रात को ही एक के बाद एक मरीज लाल बहादुर शास्त्री पहुंचने शुरू हुए, अस्पताल में रातभर मरीजों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। बुधवार को अस्पताल की सरकारी छुट्टी होने के बाद भी आपातकालीन विभाग में कुट्टू से बीमार मरीजों की कतारें ही लगी हुई थीं, अधिकतर बेड इन्हीं मरीजों से भरे हुए थे। बीमार मरीज सिर और पेट के दर्द से चिल्ला रहे थे। अधिकतर मरीजों ने डाक्टरों को बताया कि उन्होंने किराना दुकान से खुला कुट्टू का आटा खरीदकर उसके पकवान बनाकर खाए थे, जिसे खाने के कुछ देर बाद वह बीमार पड़ गए। प्राथमिक उपचार के बाद अधिकतर मरीजों को अस्पताल से छुट्टी मिल गई। मंगलवार रात से बुधवार सुबह तक पांच सौ से ज्यादा कुट्टू का आटा खाने से बीमार हुए मरीज अस्पताल आ चुके हैं। उन्हें उल्टी, दस्त और सिर दर्द की शिकायत है। इनमें दो मरीजों को ग्लूकोज चढ़ाया गया। बाकी को दवा देकर घर भेज दिया गया। अब तक किसी को भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ी है। हरीश मनसुखानी, चिकित्सा अधीक्षक, लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल। हिन्दुस्थान समाचार/अश्वनी