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दिल्ली

रमजान में नाइट कर्फ्यू का समय बदलने को लेकर उप राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

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नई दिल्ली, 08 अप्रैल (हि.स.)। मुसलमानों के पवित्र रमजान-उल-मुबारक महीने में नाइट कर्फ्यू के समय में बदलाव की मांग को लेकर कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल के निवास पर पहुंच कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। उपराज्यपाल को दिए ज्ञापन पत्र में मांग की गई है कि दिल्ली में लगने वाले नाइट कर्फ्यू के समय में बदलाव करते हुए इसे रमजान में रात 11 बजे से सुबह चार बजे तक कर देना चाहिए ताकि लोग इस पवित्र महीने में बिना किसी खलल के इबादत कर सकें। इससे उन्हें तरावीह पढ़ने के साथ ही रोजा रखने के लिए सेहरी खाने में भी आसानी होगी। गौरतलब है कि दिल्ली में मौजूदा समय में रात दस बजे से सुबह पांच बजे का नाइट कर्फ्यू चल रहा है। रमजान के दौरान रात की नमाज तरावीह दस से ग्यारह बजे तक पूरी होती है और सेहरी का समय चार बजे के बाद से शुरू होता है। कांग्रेसी कार्यकर्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल सीलमपुर विधानसभा के मुस्लिम बाहुल्य वार्ड चौहान बांगर से कांग्रेस पार्टी के निगम पार्षद चौधरी जुबैर अहमद के नेतृत्व में दिल्ली के उपराज्यपाल से मुलाकात करने उनके निवास पर पहुंचा। कांग्रेसी नेता ने कहा कि रमजान मुसलमानों का बेहद पवित्र महीना होता है। ऐसे में मुसलमान अच्छे से इबादत कर सकें, इसके लिए नाइट कर्फ्यू के समय में बदलाव किया जाना चाहिए। चौधरी जुबैर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मुस्लिम इलाकों में एक बड़ी आबादी बेहद गरीब तबके से है जिसमें मजदूर और कारीगर वर्ग शामिल है। बहुत से ऐसे लोग है जो कारखानों में ही काम करके वहीं सो जाते हैं और बाहर जाकर खाना खाते हैं। रमजान में भी यह लोग बाहर होटलों पर जाकर खाना खाकर रोजे रखते हैं लेकिन अगर नाइट कर्फ्यू खुलने का समय सुबह पांच बजे से होगा तो ऐसे लोग सेहरी नहीं कर सकेंगे और उन्हें रोजा रखने में दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। उपराज्यपाल से मुलाकात के बाद उन्होंने बताया कि ज्ञापन लेने वाले एलजी के प्रतिनिधि ने उन्हें आश्वासन दिया है कि उनकी मांग पर जरूर विचार किया जाएगा। चौधरी जुबैर ने नाइट कर्फ्यू के समय में बदलाव के साथ ही लोगों से यह अपील भी की है कि इस जानलेवा बीमारी से बचाव के लिए यह जरूरी है कि सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन किया जाए। पवित्र रमजान में सभी लोग ऊपरवाले से दुआ करें कि देश-दुनिया से इस बीमारी का खात्मा हो सभी लोग महफूज़ रहें। चौधरी जुबैर ने कहा कि अगर हमारे मुस्लिम विधायक चाहते तो मुख्यमंत्री से बात करके रमजान के दौरान नाइट कर्फ्यू के समय में बदलाव की बात कर सकते थे। लेकिन ऐसा लगता है या तो हमारे विधायकों के पास समय नहीं है या फिर उनमें सीएम के सामने बोलने की हिम्मत नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार पब्लिक की सहायता के लिए होती है, पब्लिक को नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं। पहली बार ऐसा हो रहा है कि सरकारें पब्लिक पर डंडा बजवा रही हैं। मुख्यमंत्री को भी इस बारे में सोचना चाहिए कि मुसलमानों का साल में एक त्यौहार ईद का आता है। उससे पहले एक महीना पवित्र रमजान का है। इसमें वह पूरे महीने इबादत करते हैं। पूरे दिन भूखे-प्यासे रहते हैं। मुख्यमंत्री को इस बारे में भी सोचना चाहिए था। हिन्दुस्थान समाचार/एम ओवैस