केजरीवाल सरकार ने बढ़ते कोरोना संक्रमण के दौरान दिल्ली वासियों को भाग्य भरोसे छोड़ दिया था : गुप्ता
केजरीवाल सरकार ने बढ़ते कोरोना संक्रमण के दौरान दिल्ली वासियों को भाग्य भरोसे छोड़ दिया था : गुप्ता
दिल्ली

केजरीवाल सरकार ने बढ़ते कोरोना संक्रमण के दौरान दिल्ली वासियों को भाग्य भरोसे छोड़ दिया था : गुप्ता

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नई दिल्ली, 31 जुलाई (हि.स.)। दिल्ली प्रदेश भाजपा ने अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने शुक्रवार को केजरीवाल सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने कोरोना के बढ़ते संक्रमण के दौरान दिल्ली के लोगों को भाग्य भरोसे छोड़ दिया था। बीते नौ जून को दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने एक गैर जिम्मेदाराना बयान देकर लोगों को डराने की कोशिश की, लेकिन केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह के हस्तक्षेप के बाद प्रदेश में डर और भय का माहौल खत्म हुआ। आदेश गुप्ता ने प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि दिल्ली में जब लोग परेशान थे, इलाज के लिए दर-दर भटक रहे थे उस समय मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपने एसी कमरे में बैठकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते थे। उन्होंने केजरीवाल सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में दिल्ली बदहाल थी लोगों को समय पर बेड नहीं मिल रहे थे, टेस्ट नहीं हो रहे थे, ट्रेसिंग नहीं हो रही थी और मुख्यमंत्री केजरीवाल घोषणा कर रहे थे कि वह 30,000 बेड की व्यवस्था करेंगे। गुप्ता ने कहा कि 14 जून को जब गृहमंत्री अमित शाह ने दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करने का मोर्चा संभाला। गृहमंत्री के हस्तक्षेप के बाद प्रतिदिन 16,000 से अधिक टेस्ट होने लगे। प्राइवेट अस्पतालों की मनमानी को रोकने के लिए प्राइस कैपिंग की गई, कंटेनमेंट जोन में कांटेक्ट ट्रेसिंग करवाई गई, टेस्टिंग रेट को घटा कर 2400 रुपये किया गया, डोर टू डोर मैपिंग और सीरो सर्वे शुरू किया गया। इसके साथ दिल्ली सरकार को ऑक्सीजन सिलेंडर, वेंटिलेटर, ऑक्सीमीटर साहित अस्पतालों को आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए गए। इसके बाद दिल्ली में कोरोना मामले नियंत्रित हुए। उन्होंने कहा कि केजरीवाल बताएं कि वह आज किस मॉडल की बात कर रहे हैं, वह जो 14 जून से पहले दिल्ली के अस्पतालों में दिख रहा था या वो मॉडल या वह मॉडल जो उप-मुख्यमंत्री ने अपने बयान के जरिए दिखाया? प्रदेश अध्यक्ष गुप्ता ने कहा कि दिल्ली का मॉडल केजरीवाल का मॉडल नहीं बल्कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गृहमंत्री अमित शाह का मॉडल है, जिससे दिल्ली में असली बदलाव आए हैं। गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के लोगों को भाग्य भरोसे छोड़ने और 5.5 लाख कोरोना मामलों का दावा दिल्ली के लोगों को डराने का जो अनैतिक काम दिल्ली सरकार ने किया है वह अक्षम्य है। अगर वास्तव केजरीवाल सरकार दिल्ली के लोगों की हितैषी होती और उनके लिए काम करना चाहती तो विज्ञापनों में करोड़ों खर्च करने के बजाय अस्पतालों के जरूरी संसाधनों पर खर्च करती और जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को सुधारने का काम करती। हिन्दुस्थान समाचार/ वीरेन्द्र-hindusthansamachar.in