न्यायालय के आदेश के बाद भी राष्ट्रीय राजधानी को नहीं मिल रही है पर्याप्त ऑक्सीजन : आप

न्यायालय के आदेश के बाद भी राष्ट्रीय राजधानी को नहीं मिल रही है पर्याप्त ऑक्सीजन : आप
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नई दिल्ली, 07 मई (हि. स.)।आम आदमी पार्टी (आप) का आरोप है कि न्यायालय के आदेश के बावजूद केंद्र सरकार राष्ट्रीय राजधानी में उसके कोटे के ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं करवा रही है। आम आदमी पार्टी के विधायक और दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष राघव चड्ढा ने शुक्रवार को ऑक्सीजन बुलेटिन जारी करते हुए कहा कहा कि ' दिल्ली में ऑक्सीजन की कुल मांग 976 मीट्रिक टन है। कल, हमें 577 मीट्रिक टन ऑक्सीजन ही मिली। ये हमारी कुल मांग का मात्र 59 प्रतिशत है। आप विधायक ने कहा कि परसों, केंद्र सरकार ने हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद दिल्ली को 730 मीट्रिक टन ऑक्सीजन सौंपा था। दिल्ली में ऑक्सीजन को लेकर स्थिति लगातार गम्भीर बनी हुई है। ऐसे में दिल्ली के अस्पतालों को कम ऑक्सीजन सप्लाई से भी जूझना पड़ रहा है। बावजूद इसके दिल्ली में अस्पतालों के बाहर आईसीयू बेड की मांग वाले मरीजों की लम्बी कतार है। अगर इस मांग को पूरा करना है तो निश्चित ही दिल्ली को और अधिक ऑक्सीजन की जरूरत होगी। आप विधायक का कहना है कि 'आज दिल्ली में 21,000 आईसीयू और नॉन ऑक्सीजन बेड हैं। इनको व्यवस्थित ढंग से चलने के लिए 976 मीट्रिक टन ऑक्सीजन पर्याप्त है। अगर हमे इन बेड की संख्या को 40,000 - 45,000 तक ले जाना है तो हमे और ऑक्सीजन चाहिए।' आम आदमी पार्टी पिछले कई दिनों से राजधानी के अस्पतालों में ऑक्सीजन को कमी के मुद्दे को उठाती रही है। खुद हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट ने भी केंद्र सरकार को कहा है कि एक दिन 700 मीट्रिक टन देने से आपकी जिम्मेदारी खत्म नहीं हो जाती है। राघव चड्ढा ने न्यायालय की इसी टिप्पणी का हवाला देते हुए केंद्र सरकार से गुहार लगाते हुए कहा कि 'मेरी केंद्र सरकार से विनती है कि परसों उन्होंने 730 मीट्रिक टन ऑक्सीजन दी थी, वैसे ही आने वाले समय में हमें रोजाना ऑक्सीजन सप्लाई देने का कष्ट करें।' हिन्दुस्थान समाचार/ श्वेतांक