डीयू में ढाई दशक से नहीं बढ़ा है वार्ड कोटा, शैक्षिक सत्र आरंभ होने से पहले किया जाए प्रवधान : प्रो. हंसराज 'सुमन'
डीयू में ढाई दशक से नहीं बढ़ा है वार्ड कोटा, शैक्षिक सत्र आरंभ होने से पहले किया जाए प्रवधान : प्रो. हंसराज 'सुमन'
दिल्ली

डीयू में ढाई दशक से नहीं बढ़ा है वार्ड कोटा, शैक्षिक सत्र आरंभ होने से पहले किया जाए प्रवधान : प्रो. हंसराज 'सुमन'

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नई दिल्ली, 02 अगस्त (हि.स.)। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) से संबद्ध विभागों और कॉलेजों में अपनी सेवाएं देने वाले नियमित शिक्षकों और कर्मचारियों के बच्चों को विश्वविद्यालय में एडमिशन लेने के लिए बनाए गए वार्ड कोटे में ढाई दशक से वृद्धि नहीं हुई। कहने को तो डीयू कर्मचारियों के बच्चों के लिए वार्ड कोटा निर्धारित है, लेकिन वे अपने मनपसंद कॉलेज में एडमिशन नहीं ले सकते। इसके कारण उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। दिल्ली विश्वविद्यालय में जिस तरह से शिक्षकों और कर्मचारियों के पदों पर इजाफा हुआ है उस लिहाज से पिछले ढाई दशकों से वार्ड कोटे में भी बढ़ोतरी होनी चाहिए थी, जो नहीं हुई। इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी के शिक्षक संगठन दिल्ली टीचर्स एसोसिएशन के प्रभारी और डीयू की एकेडमिक काउंसिल के पूर्व सदस्य प्रो. हंसराज 'सुमन' ने बताया कि कोटे के अंतर्गत तीन सीटें शिक्षकों व तीन सीटें कर्मचारियों के लिए निर्धारित की गई हैं। वार्ड कोटे में सीटें बढ़ाने का हर साल आश्वासन मिलता है पर बढ़ाई नहीं जाती। एसोसिएशन ने वाइस चांसलर एवं डीन, स्टूडेंट्स वेलफेयर से की है और कहा है कि इसी शैक्षिक सत्र से यह कोटा बढ़ाया जाए। प्रो. सुमन ने बताया कि कोटा प्रावधान के अंतर्गत प्रत्येक कॉलेज में 3 दाखिले शिक्षकों के बच्चों के (टीचिंग) और 3 दाखिले कर्मचारियों के बच्चों (नॉन टीचिंग ) में दिए जाते हैं। यह प्रक्रिया लंबे समय से चली आ रही है इसमें कोई इजाफा नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि दूसरी समस्या यह है कि कुछ कॉलेज यूनिवर्सिटी के ऑनलाइन फॉर्म भरने के बाद भी अलग से वार्ड कोटे में आवेदन करने के लिए एप्लिकेशन मंगवाते हैं। निर्धारित तिथि के बाद कॉलेज की एडमिशन कमेटी द्वारा आवेदन पत्रों को एकत्रित कर सब्जेक्ट्स वाइज और परसेंटेज वाइज लिस्ट तैयार की जाती है, उसमें जिन छात्रों के हायर परसेंटेज होती है पहले तीन (शिक्षकों के बच्चों) और उसके बाद पहले तीन हायर परसेंटेज वाले (गैर शैक्षिक/ कर्मचारियों ) बच्चों को एडमिशन दिया जाता है। उनका कहना है कि ऐसी स्थिति में जो छात्र कैम्पस के किसी कॉलेज में अच्छे सब्जेक्ट्स में ऑनर्स या प्रोग्राम में एडमिशन की इच्छा रखता है, उसका सपना ही रह जाता है। उन्होंने कहा कि शैक्षिक सत्र प्रारम्भ होने से पहले दिल्ली विवि के शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए वार्ड कोटा बढ़ाया जाए। वार्ड कोटा बढ़ने से कोटा के तहत दाखिला पाने वाले छात्रों को उनकी पसंद के कॉलेज और सब्जेट्स आसानी से मिल सकेंगे। हिन्दुस्थान समाचार / राजेश-hindusthansamachar.in