साइबर अपराध पर मामले तो दर्ज, पर गिरफ्तारी अब तक नहीं

साइबर अपराध पर मामले तो दर्ज, पर गिरफ्तारी अब तक नहीं
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नई दिल्ली, 04 मई (हि.स.)। राजधानी में कोरोना की दूसरी लहर के साथ ही साइबर अपराध का ग्राफ तेजी बढ़ रहा है। दिल्ली में मरीजों के लिए ऑक्सीजन और दवा मुहैया कराने के नाम पर बड़ी संख्या में ठगी की वारदातें हो रही है। वहीं दिल्ली पुलिस ने साइबर ठगों के खिलाफ दर्जन भर से ज्यादा एफआईआर दर्ज किया है, लेकिन अभी तक ऐसे मामलों में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। वहीं दूसरी ओर साइबर ठगों को रोकने के लिए लगातार पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। साइबर सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पिछले कुछ समय से साइबर अपराधियों पर नकेल कसने में दिल्ली पुलिस को काफी मदद मिली है। दिल्ली पुलिस लगातार साइबर अपराध पर पूरे फोकस के साथ काम कर रही है। अधिकारी के अनुसार, पुलिस ने अलग-अलग तरह के साइबर अपराध करने वाले कई गैंग का पर्दाफाश किया है। वहीं डार्क नेट के द्वारा से गलत गतिविधि संचालित करने वालों तक भी साइबर सेल पहुंची है लेकिन साइबर अपराधियों पर पूरी तरह से नकेल कसने के लिए दिल्ली पुलिस को और तेजी के साथ काम करने जरुरज है। साइबर अपराधियों को पकड़ना होता है मुश्किल अधिकारी की माने तो साइबर अपराधियों को पकड़ना इसलिए मुश्किल होता है क्योंकि उन्हें ट्रैक करने में पुलिस को काफी समय लगता है। पीड़ित जब थाने में शिकायत करने जाता है तो वहां पर जांच करने वाले पुलिसकर्मी को इसकी अधिक जानकारी नहीं होती उधर पीड़ित से ठगी गई रकम बहुत ही तेजी से इधर से उधर हो जाती है। पुलिस जब अपराधी को ट्रैक करती है तो उसमें समय लगता है। पुलिस जब तक उसके पास पहुंचती है तब तक रुपए खत्म हो चुके होते हैं। उन्होंने बताया कि आईटी एक्ट में इन अपराधों को लेकर एफआईआर दर्ज की जाती है लेकिन इसमें सख्त सजा नहीं होने के चलते अपराधी असानी से बच निकलते हैं। पुलिसकर्मियों को देना होगा तेजी से प्रशिक्षण आगे उन्होंने बताया कि दिल्ली पुलिस में जो नए पुलिसकर्मी भर्ती हुए हैं, उन्हें साइबर अपराध का प्रशिक्षण दिया जाता है। दिल्ली पुलिस में खासतौर पर साइबर अपराध से निपटने के लिए साइबर सेल बनी हुई है। ऐसी टीम स्पेशल सेल, क्राइम ब्रांच और प्रत्येक जिले में बनाई गई है। लेकिन थाने में तैनात पुलिसकर्मियों को अभी भी साइबर अपराध की अधिक जानकारी नहीं है। उन्होंने चिंता जाहिर करते हुए बताया कि यही वजह है कि ऐसे मामलों को सुलझाने में पुलिस के जवान तेजी से काम नहीं कर पाते। साइबर अपराध से निपटने के लिए दिल्ली पुलिस को तेजी से अपने पुलिसकर्मियों को ऐसे अपराधों की जांच के लिए प्रशिक्षित करना होगा। कोरोना काल में लगातार बना रहे शिकार देशभर में साइबर अपराध के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। कोरोना महामारी के समय में साइबर अपराधी दवा, ऑक्सीजन, वैक्सीन आदि के नाम पर ठगी कर रहे हैं। लोग मरीज को बचाने के लिए जल्दबाजी में ऐसे ठगों का शिकार हो रहे हैं। दूसरी तरफ पुलिस लगातार ऐसे जालसाजों से बचाने के लिए लोगों को जागरूक कर रही है। उनकी शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है। साइबर ठगी से बचने के लिए यहां कर सकते हैं शिकायत राजधानी में किसी भी तरह की साइबर ठगी से बचने के लिए इन नंबर पर संपर्क किया जा सकता है। दिल्ली पुलिस हेल्पलाइन 01123569900 साइबर हेल्पलाइन 155260 दिल्ली पुलिस कंट्रोल रूम 100, 112 वहीं इसके साथ ही वेबसाइट (www.cybercrime.gov.in) और मेल (acp-cybercell1@delhipolice.gov.in) के जरिए भी शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है। हिन्दुस्थाना समाचार/अश्वनी