साहित्य अकादेमी की पुस्तक प्रदर्शनी में प्रतिनिधि बाल कविता-संचयन का लोकार्पण
साहित्य अकादेमी की पुस्तक प्रदर्शनी में प्रतिनिधि बाल कविता-संचयन का लोकार्पण
दिल्ली

साहित्य अकादेमी की पुस्तक प्रदर्शनी में प्रतिनिधि बाल कविता-संचयन का लोकार्पण

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नई दिल्ली, 15 अक्टूबर (हि.स.)। साहित्य अकादेमी द्वारा हाल ही में प्रकाशित पुस्तक प्रतिनिधि बाल कविता-संचयन का अकादेमी की पुस्तक प्रदर्शनी में गुरुवार को लोकार्पण किया गया। संचयन के संपादक दिविक रमेश ने इस अवसर पर कहा कि बाल साहित्य सबके लिए होता है और उसे सभी को पढ़ना चाहिए। इस संचयन की विशेषता बताते हुए उन्होंने कहा कि इस संकलन में बड़े बाल साहित्यकार की अपेक्षा बड़ी रचना को महत्व दिया गया है। 195 कवियों की 518 कविताओं में पूरे देश के बाल मनोविज्ञान को जाना-समझा जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस कविता-संग्रह में जहाँ सुभद्रा कुमारी चैहान, सोहनलाल द्विवेदी, द्वारिका प्रसाद महाश्वेरी, श्रीप्रसाद एवं निरंकारदेव सेवक की कविताएँ हैं तो नए रचनाकारों में दिशा ग्रोवर, सृष्टि पाण्डेय, सुषमा सिंह की भी कविताएँ हैं। इन कविताओं के चयन में नए प्रयोग और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को सामने रखा गया है। समकालीन भारतीय साहित्य के अतिथि संपादक बलराम ने कहा कि साहित्य अकादेमी बाल साहित्य को एक सम्मान की दृष्टि से देख रही है और उसके संवर्धन के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इस पुस्तक का प्रकाशन अकादेमी के उन्हीं प्रयासों का प्रतिफल है। कार्यक्रम के आरंभ में साहित्य अकादेमी के सचिव के. श्रीनिवासराव ने कहा कि अकादेमी केवल हिंदी के ही नहीं बल्कि सभी भारतीय भाषाओं के बाल साहित्य को सस्ती कीमतों पर उपलब्ध करा रहा है और कराता रहेगा। उल्लेखनीय है कि कोरोना काल में लंबे समय से पुस्तकों से दूर रहे पुस्तक प्रेमियों का ध्यान रखते हुए साहित्य अकादेमी पुस्तक प्रदर्शनी का आयोजन 9 से 23 अक्टूबर के बीच कर रही है। पुस्तक प्रदर्शनी पूर्वाह्न 10 बजे से सायं 6 बजे तक प्रतिदिन खुली रहेगी। हिन्दुस्थान समाचार/पवन-hindusthansamachar.in