विज्ञापन के लिए पैसा है केजरीवाल के पास कॉलेज स्टाफ के वेतन के लिए नहीं : गुप्ता
विज्ञापन के लिए पैसा है केजरीवाल के पास कॉलेज स्टाफ के वेतन के लिए नहीं : गुप्ता
दिल्ली

विज्ञापन के लिए पैसा है केजरीवाल के पास कॉलेज स्टाफ के वेतन के लिए नहीं : गुप्ता

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नई दिल्ली, 18 अक्टूबर (हि.स.)। भाजपा ने एक बार फिर से दिल्ली सरकार के शिक्षा मॉडल पर कड़ा प्रहार किया है। भाजपा का कहना है कि राज्य के मुखिया अरविंद केजरीवाल आजकल जनता से जुड़े मुद्दों पर झूठ बोलते रहते हैं, इसलिए उनके मंत्री भी झूठ बोल कर ही अपना कर्तव्य पूरा कर रहे हैं। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा कि शिक्षा एक बहुत महत्वपूर्ण विषय है लेकिन राज्य के मुखिया और उनकी सरकार इसको लेकर लगातार झूठे दावे कर है। उन्होंने कहा कि आज दिल्ली सरकार द्वारा वित्त पोषित 12 कॉलेजों के कर्मचारियों ने उनसे मिलकर ज्ञापन दिया है और बताया कि उन्हें पिछले 6 महीने से वेतन नहीं दिया गया है। दिल्ली सरकार के पास विज्ञापन देने के लिए करोड़ों है लेकिन कॉलेज स्टाफ को वेतन देने के लिए पैसे नहीं है। गुप्ता ने रविवार को पार्टी कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि कॉलेजों के शिक्षक और अन्य कर्मचारी वेतन के अभाव में बच्चों का भरण पोषण भी ठीक से नहीं कर पा रहे। वहीं उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पत्र लिखकर कॉलेजों को स्टूडेंट वेलफेयर फंड से कॉलेज स्टाफ को वेतन देने का आदेश देते हैं। गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में करीब 30,000 गेस्ट शिक्षक होने चाहिए थे लेकिन दिल्ली सरकार के पास 20-22 हजार गेस्ट शिक्षक थे, उनमें से लगभग 5000 को दिल्ली सरकार ने नौकरी से निकाल दिया और 5600 शिक्षकों को उम्र के कारण निकाल दिया। दिल्ली के सरकारी स्कूलों में लगभग 40,000 पद खाली हैं, जिसको सरकार भर नहीं रही है। उन्होंने कहा कि प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने गरीबी रेखा के नीचे आने वाले परिवार के बच्चों को 2 साल से न ड्रेस दी गई है और न ही उनकी फीस जमा कराई गई है। उन्होंने कहा कि सरकार को सिर्फ 1-2 स्कूल मॉडल का उल्लेख करना और दिखाना पर्याप्त नहीं है, सभी स्कूलों को एक ही पैटर्न पर काम करना होगा। अगर दिल्ली सरकार वित्त पोषित 12 कॉलेजों को नहीं चला सकती है तो इसे केंद्र सरकार को सौंप दें, ताकि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहे। नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि कॉलेजों के शिक्षक और अन्य कर्मचारियों, गरीबी रेखा के नीचे आने वाले परिवार जिनके बच्चे प्राइवेट स्कूलों में पढ़ते हैं, यह सब चाहते हैं कि हम मिलकर उनके हितों में बड़ा आंदोलन करें और उनकी समस्याओं का निवारण करवाएं। हिन्दुस्थान समाचार/वीरेन-hindusthansamachar.in