ऑनलाइन ओपन बुक परीक्षा के फैसले को तुरंत वापस लिया जाए : केवाईएस
ऑनलाइन ओपन बुक परीक्षा के फैसले को तुरंत वापस लिया जाए : केवाईएस
दिल्ली

ऑनलाइन ओपन बुक परीक्षा के फैसले को तुरंत वापस लिया जाए : केवाईएस

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नई दिल्ली, 31 जुलाई (हि.स.)। क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) ने शुक्रवार को अन्य संगठनों के साथ मिलकर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) और मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) के खिलाफ शास्त्री भवन पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान छात्र संगठनों ने मांग की कि अंतिम वर्ष में पढ़ रहे छात्रों की परीक्षाएं करवाने के फैसले को वापस लिया जाए। केवाईएस दिल्ली राज्य समिति सचिव हरीश गौतम ने कहा कि ऑनलाइन ओपन बुक परीक्षा के खिलाफ देश भर में व्यापक विरोध हो रहा है, लेकिन यूजीसी और एमएचआरडी अभी तक शिक्षकों और छात्रों की गंभीर चिंताओं और परीक्षाओं को रद्द करने की मांग को लेकर उदासीन रवैया बनाए हुए हैं। उन्होंने बताया कि यूजीसी ने 6 जुलाई को इस फैसले के लिए दिशा-निर्देश जारी किए थे, जिसे उसी दिन ही एमएचआरडी द्वारा संस्तुति दे दी गयी थी। मौजूदा समय में अंतिम वर्ष के छात्र कोविड-19 महामारी के कारण भारी मानसिक तनाव में हैं, जिस कारण से अधिकतर छात्रों के लिए ऑनलाइन परीक्षाएं दे पाना संभव नहीं है। यूजीसी के दिशा-निर्देशों के अनुसार छात्रों को सितम्बर माह के अंत में परीक्षाएं देनी होंगी। इससे देश भर के छात्रों में तनाव व्याप्त है। हरीश गौतम के अनुसार देशभर में छात्रों और शिक्षकों ने कोरोना के समय परीक्षा करवाने के विश्वविद्यालय प्रशासनों, यूजीसी और मंत्रालयों के फैसले के प्रति अपनी व्यापक समस्याएं जताई हैं। देश भर में शिक्षक और छात्र संगठनों, उच्च शिक्षण संस्थानों के विभागों इस समय परीक्षा के पक्ष में नहीं हैं। विभिन्न परेशानियां जो सामने आई हैं, उनमें सिलेबस का अधूरा होना, किताबों एवं अन्य स्टडी मटेरियल की अनुपलब्धता के साथ ऑनलाइन परीक्षा देने के साधन तक पहुंच न होना, सबसे मुख्य हैं। इसके अतिरिक्त, अधूरी पढ़ाई और लॉकडाउन के दौरान बेहद ही खराब स्थिति होने के कारण बहुसंख्यक छात्रों के लिए पढ़ाई करना लगभग असंभव रहा है। ऐसे में परीक्षाएं करवाना न तो संभव है, और न ही इसकी ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि यूजीसी दिशा-निर्देशों और एमएचआरडी की अधिसूचना से साफ है कि प्रशासन एवं अधिकारी छात्रों और शिक्षकों की चिंताओं से बिल्कुल विमुख हैं। केवाईएस मांग करता है कि यूजीसी द्वारा जारी दिशा-निर्देशों को वापस लिया जाये और नए दिशा-निर्देश जारी कर सभी छात्रों को उनकी पिछले सालों के प्रदर्शन के आधार पर प्रोमोट किया जाये। साथ ही, डीयू और अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों में तुरंत अंतिम सेमेस्टर/वर्ष के छात्रों के लिए ऑनलाइन ओपन बुक परीक्षा के फैसले को रद्द किया जाए। हिन्दुस्थान समाचार / राजेश-hindusthansamachar.in