एमसीडी अपने अस्पतालों को केजरीवाल सरकार को न सौंपकर दिल्ली की जनता के साथ धोखा कर रही : दुर्गेश पाठक
एमसीडी अपने अस्पतालों को केजरीवाल सरकार को न सौंपकर दिल्ली की जनता के साथ धोखा कर रही : दुर्गेश पाठक
दिल्ली

एमसीडी अपने अस्पतालों को केजरीवाल सरकार को न सौंपकर दिल्ली की जनता के साथ धोखा कर रही : दुर्गेश पाठक

news

नई दिल्ली, 16 अक्टूबर (हि.स.)। आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता दुर्गेश पाठक ने शुक्रवार को दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी शासित एमसीडी अपने अस्पतालों को केजरीवाल सरकार को न सौंपकर दिल्ली की जनता के साथ धोखा कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और नार्थ एमसीडी के तत्कालीन मेयर रहे आदेश गुप्ता को बताना चाहिए कि जब उन्होंने 28 जुलाई 2018 को केंद्र सरकार को इन अस्पतालों की जिम्मेदारी संभालने का अनुरोध किया था, तो अब उन्हें इन अस्पतालों को दिल्ली सरकार को देने में क्या दिक्कत आ रही है? जब एमसीडी यह मान चुकी है कि वो अपने अस्पतालों को नहीं चला पा रही है, तो उसे अपने पास रखना एक तरह से आपराधिक लापरवाही है। दुर्गेश पाठक ने आगे कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने एमसीडी को यह प्रस्ताव दिया था कि अगर आप अस्पताल नहीं चला पा रहे हैं, तो उन्हें दिल्ली सरकार को सौंप दें, लेकिन भाजपा शासित एमसीडी ने इसके ऊपर कोई सकारात्मक जवाब देने के बजाय राजनीति करनी शुरू कर दी। उन्होंने दिल्ली सरकार को यह अस्पताल सौंपने से मना कर दिया। पाठक ने कहा कि 28 जुलाई 2018 को नॉर्थ एमसीडी के मेयर आदेश गुप्ता ने केंद्र सरकार को एक पत्र लिखा था। पत्र में उन्होंने केंद्र सरकार से अनुरोध किया था कि एमसीडी के अंदर आने वाले 6 मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों की जिम्मेदारी केंद्र सरकार संभाल ले। केंद्र सरकार से पत्र में हिंदू राव, कस्तूरबां गांधी, राजन बाबू टीबी अस्पताल, गिरधारी लाल, महर्षि बाल्मीकि और बालक राम अस्पताल की जिम्मेदारी संभालने का अनुरोध किया था। पत्र में उन्होंने कारण बताते हुए कहा था कि पिछले दो-तीन सालों से एमसीडी को वित्तीय संबंधित परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पतालों से जनता की उम्मीदों को हम पूरा नहीं कर पा रहे हैं। पत्र में कहा गया कि इससे पहले एमसीडी फायर विभाग, दिल्ली विद्युत बोर्ड और जल बोर्ड को सही तरीके से चलाने के लिए दिल्ली सरकार को सौंप चुकी है। अब हम चाहते हैं कि यह 6 अस्पताल केंद्र सरकार संभाल ले। हिन्दुस्थान समाचार/प्रतीक खरे/वीरेन्द्र-hindusthansamachar.in