आप’ और किसानों के विरोध के बाद शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस ने एमएसपी अध्यादेश पर यू-टर्न लिया : भगवंत मान
आप’ और किसानों के विरोध के बाद शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस ने एमएसपी अध्यादेश पर यू-टर्न लिया : भगवंत मान
दिल्ली

आप’ और किसानों के विरोध के बाद शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस ने एमएसपी अध्यादेश पर यू-टर्न लिया : भगवंत मान

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नई दिल्ली, 17 सितंबर (हिस.)। आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद भगवंत मान ने कहा कि ‘आप’ और किसानों के विरोध के बाद शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस ने एमएसपी अध्यादेश पर यू-टर्न ले लिया है। यह हमारी जीत है। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले तक शिरोमणि अकाली दल किसान विरोधी बिल का समर्थन कर रहा था और आज वे मगरमच्छ के आंसू बहा रहे हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री, दोनों ने पहले बिल का समर्थन किया था। उन्हें इस किसान विरोधी बिल को तब रोकना चाहिए था, जब ये शुरुआती चरण में थे और तब इस बिल को संसद तक पहुंचने ही नहीं देना चाहिए था। भगवंत मान ने कहा कि केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर को उस दिन इस्तीफा देना चाहिए था, जब केंद्रीय कैबिनेट में यह बिल आया था और वो मौजूद थीं, तब उन्हें वाॅकआउट करना था, लेकिन उस समय उन्होंने सहमति दे दी। वहीं ‘आप’ विधायक जरनैल सिंह ने कहा कि एमएसपी बिल के जरिए शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस का असली चेहरा किसानों के सामने बेनकाब हो गया है। हम संसद के अंदर और बाहर अपना विरोध जारी रखेंगे और लोगों को बताएंगे कि शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस दोनों किसान विरोधी हैं। आम आदमी पार्टी के सांसद भगवंत मान और विधायक जरनैल सिंह ने पार्टी मुख्यालय में आज संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता को संबोधित किया। जरनैल सिंह ने कहा कि एमएसपी अध्यादेश के जरिए आज कांग्रेस और अकाली दल का असली चेहरा जनता के सामने आ गया है। सबने देखा है कि चाहे अकाली दल के मुखिया सुखबीर सिंह बादल हों या प्रकाश सिंह बादल हों या केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल हों, किस तरह से पिछले कई महीनों से इस एमएसपी अध्यादेश की वकालत करते रहे हैं कि यह अध्यादेश किसानों के हित में है और जब किसानों का दबाव इन लोगों पर पड़ा, किसानों ने इस बात का ऐलान कर दिया कि जो इस अध्यादेश के हक में है वह किसानों के खिलाफ है, तो किस तरह से अकाली दल के नेताओं ने गिरगिट की तरह रंग बदला है, यह साफ तौर पर देखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार से यदि कांग्रेस की बात की जाए तो इस अध्यादेश के लिए चर्चा करने के लिए जो हाई पाॅवर कमेटी बनाई गई थी, उस कमेटी में पंजाब के मुख्यमंत्री और कांग्रेस के बड़े नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह खुद शामिल थे और इस अध्यादेश पर अपनी सहमति दी थी। साथ ही साथ पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल जो खुद जाकर इस अध्यादेश की सिफारिश करके आए थे। इन लोगों के भी असली चेहरे जनता के सामने खुल कर आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि जहां तक इस अध्यादेश की बात है तो यह कांग्रेस का ही बोया हुआ बीज है, जिसका खामियाजा आज पूरे देश के किसानों को भुगतना पड़ रहा है। हिन्दुस्थान समाचार /प्रतीक खरे-hindusthansamachar.in