धमतरी : सूखे खेतों के लिए गंगरेल बांध से पानी छोड़ने की मांग, किसानी हो रही प्रभावित

धमतरी : सूखे खेतों के लिए गंगरेल बांध से पानी छोड़ने की मांग, किसानी हो रही प्रभावित
धमतरी : सूखे खेतों के लिए गंगरेल बांध से पानी छोड़ने की मांग, किसानी हो रही प्रभावित

धमतरी, 22 जुलाई ( हि. स.)। पर्याप्त बारिश नहीं होने से अंचल में खेती-किसानी का कार्य प्रभावित हो रहा है। पूर्व में लगाए गए धान के पौधे पानी नहीं मिलने से सूखने लगे हैं। सूखती फसल को बचाने के लिए किसान गंगरेल बांध से पानी छोड़ने की मांग कर रहे हैं।

किसानों का कहना है कि गंगरेल बांध से पानी नहीं छोड़ने की स्थिति में किसानों की फसल खेतों में ही सूख जाएगी। गर्मी इतनी है कि छोटे पौधे झुलसने लगे हैं। खेत में दरारें पड़ने लगी है। थोड़ा बहुत पानी गिरने से कुछ नहीं होता। फसल बचाने गंगरेल बांध से तुरंत पानी छोड़ा जाए। सिर्री में 70 एकड़ में किसानी कर रहेकिसान सौहेन्द्र सिंह गुरूदत्ता ने कहा कि वे इन दिनों काफी परेशान हैं। खेतों में पानी नहीं होने से खेत में दरारे पड़ने लगी है। खेत में ज्यादा पानी की जरूरत है।

सिर्री के चन्द्रहास श्रीवास ने कहा कि किसानी कार्य में तेजी तभी आएगी जब गंगरेल बांध से पानी मिलेगा। अभी तो पानी ही नहीं गिर रहा। किसान परेशान हैं। पौधे न मर जाए। पानी की व्यवस्था कर आसपास तालाब, नदी, नहर नाला से मोटर के सहारे पानी खींचकर सिंचाई कर रहे हैं। ताकि पौधों को कुछ राहत मिले।

सिर्री के द्वारिका सिन्हा स्थिति भयावह है। पानी नहीं गिरने से खेतो की स्थिति खराब है। सिवनीकला के किसान डामेश साहू ने कहा कि बांध से पानी छोड़ा जाए ताकि पौधों को सूखने से रोका जा सके। पौधे बिन पानी के मरने लगे हैं। गांव के सभी किसान पानी के नाम से परेशान हैं। नाले से पानी से सिंचाई करने पर कुछ दिनो में फिर वैसे का वैसा हो जाता है। सिर्री के पीलाराम साहू के अनुसार किसानी कार्य बिन पानी के रूक गया है। पानी खेतो में भरने के बाद पौधे भी बढ़ेगें।

कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में 79 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल पर बोता का लक्ष्य है, लेकिन आषाढ़ माह में पर्याप्त बारिश नहीं होने से अब तक केवल 47 हजार हेक्टेयर क्षेत्र पर बोवाई हो पाई है, जो लक्ष्य का 60 प्रतिशत है। वहीं जिले के 40 प्रतिशत खेतों में अब तक बोआई नहीं हुई है। साढ़े 55 हजार हेक्टेयर में रोपाई का लक्ष्य है, अब तक सिर्फ 3390 हेक्टेयर पर हुई है। वहीं साढ़े 25 हजार हेक्टेयर पर बोनी का लक्ष्य है, अब तक सिर्फ 3050 हेक्टेयर पर ही बोनी हो पाई है। जिले में अब तक कुल 50 हजार 404 हेक्टेयर पर खरीफ फसल की बोवाई की गई है। जिले में एक लाख 35 हजार हेक्टेयर पर खरीफ खेती किसानी का लक्ष्य है। लक्ष्य के अनुसार खरीफ फसल की किसानी आषाढ़ माह में पर्याप्त बारिश नहीं होने से पिछड़ गई है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा