संसद ‘लोकतंत्र का मंदिर’, मतभेदों को जनसेवा में बाधक नहीं बनने दें जनप्रतिनिधि : राष्ट्रपति

संसद ‘लोकतंत्र का मंदिर’, मतभेदों को जनसेवा में बाधक नहीं बनने दें जनप्रतिनिधि : राष्ट्रपति
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नयी दिल्ली, 26 नवंबर (भाषा) राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने संसद को ‘लोकतंत्र का मंदिर’ बताते हुए शुक्रवार को कहा कि हर सांसद की यह जिम्मेदारी है कि वे संसद में उसी भावना के साथ आचरण करें, जिसके साथ वे अपने पूजा-गृहों और इबादतगाहों में करते हैं तथा मतभेद को जनसेवा क्लिक »-www.ibc24.in

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