अनुशासनहीनता के लिए छात्रों को डांटना आत्महत्या के लिए उकसाने के समान नहीं : उच्चतम न्यायालय

अनुशासनहीनता के लिए छात्रों को डांटना आत्महत्या के लिए उकसाने के समान नहीं : उच्चतम न्यायालय
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नयी दिल्ली, पांच अक्टूबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि किसी छात्र को अनुशासनहीनता के लिए डांटना तब तक आत्महत्या के लिए उकसाने के समान नहीं माना जाएगा जब तक कि बार-बार उत्पीड़न के विशिष्ट आरोप न हों। शीर्ष अदालत ने कहा कि कानून में छात्रों की पिटाई क्लिक »-www.ibc24.in

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